दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति
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इससे पहले यून के वकीलों ने दलील दी कि यून को हिरासत में लेने की कोशिश अवैध है। उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के लिए पूरा षडयंत्र रचा जा रहा है। दरअसल, यून की गिरफ्तारी के लिए जांचकर्ताओं को मिलर वारंट किसी मौजूदा दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के खिलाफ जारी किया गया पहला वारंट है।
यून की ओर से 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के एलान ने दक्षिण कोरियाई लोगों को सकते में डाल दिया था। इसके बाद एशिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक देश ने अचानक से अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल का दौर देखा। इसके बाद 14 दिसंबर को सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाने और उन्हें पद से हटाने के लिए मतदान किया। अब संवैधानिक न्यायालय उस महाभियोग को बरकरार रखने और उन्हें पद से स्थायी रूप से हटाने पर विचार-विमर्श कर रहा है।