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Monsoon Update: मौसम विभाग का अनुमान, इस बार होगी सामान्य से अधिक बारिश, बंपर फसल उत्पादन की उम्मीद  

Tue, 31 May 2022 10:34 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 Monsoon Weather Report: यह लगातार चौथा साल है जब भारत में सामान्य मानसून की संभावना है। इससे पहले भारत में 2005-08 और 2010-13 में सामान्य मानसून देखा गया था।
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बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मौसम विभाग ने इस बार देश में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। भारत के वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में मानसून के मौसम में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। मौसम कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि इस बार बंपर कृषि उत्पादन और मुद्रास्फीति धीमी पड़ने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इस मानसून में औसत बारिश लंबी अवधि के औसत का 103 फीसदी रहने की उम्मीद है। अप्रैल में आईएमडी ने कहा था कि देश में सामान्य बारिश होगी। 

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लगातार चौथे साल भारत में सामान्य मानसून 
महापात्र ने कहा कि मॉनसून कोर जोन- गुजरात से लेकर ओडिशा तक के राज्य जो कृषि के लिए वर्षा पर निर्भर हैं, वहां लंबी अवधि के औसत के 106 प्रतिशत से अधिक सामान्य वर्षा हो सकती है। उन्होंने कहा कि मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों में सामान्य बारिश होने की संभावना है। यह लगातार चौथा साल है जब भारत में सामान्य मानसून की संभावना है। इससे पहले भारत में 2005-08 और 2010-13 में सामान्य मानसून देखा गया था। महापात्र ने कहा कि निकट भविष्य में भारत में सामान्य मानसून देखने को मिल सकता है क्योंकि सामान्य से कम बारिश का दशक समाप्त होने वाला है। उन्होंने कहा कि हम अब सामान्य मानसून युग की ओर बढ़ रहे हैं। 

केरल में मानसून की घोषणा पर आलोचना 
केरल में मानसून की शुरुआत की जल्दबाजी की घोषणा के लिए हो रही आईएमडी की आलोचना को लेकर महापात्र ने कहा कि मौसम कार्यालय ने मानसून की शुरुआत और प्रगति की घोषणा करने के लिए एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का पालन किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि केरल के 70 प्रतिशत मौसम केंद्रों ने काफी व्यापक वर्षा की सूचना दी थी और क्षेत्र में तेज पछुआ हवाओं और बादलों के गठन से संबंधित अन्य मापदंडों को पूरा किया गया था। महापात्र ने कहा कि भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र को ठंडा करने वाली मौजूदा ला नीना स्थितियां अगस्त तक जारी रहने की उम्मीद है और भारत में मानसून की बारिश के लिए शुभ संकेत है। महापात्र ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में जून में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।
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मॉनसून के गुरुवार तक उत्तरी बंगाल और सिक्किम की ओर बढ़ने का अनुमान
मॉनसून के गुरुवार तक उत्तरी बंगाल और सिक्किम की ओर बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के स्थानीय निदेशक जी.के. दास ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तरी जिलों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दस्तक देने बाद राज्य के अन्य हिस्सों में इसके आगे बढ़ने की तारीख का अनुमान लगाना संभव होगा। उन्होंने कहा कि मॉनसून के लिए अगले दो से तीन दिन के दौरान उत्तर बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने को लेकर स्थितियां अनुकूल हैं

उन्होंने कहा कि इस साल मॉनसून सामान्य समय से कम से कम चार-पांच दिन पहले पश्चिम बंगाल और सिक्किम के उत्तरी हिस्सों में प्रवेश करेगा। दास ने कहा कि पश्चिम बंगाल के सभी हिस्सों में मॉनसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 10 से 15 जून के बीच होती है। उन्होंने कहा कि कूचबिहार और अलीपुरद्वार में गुरुवार सुबह तक भारी बारिश और उसके बाद भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि अन्य उप-हिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर गुरुवार तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में दस्तक की अपनी सामान्य तिथि 1 जून से तीन दिन पहले 29 मई को ही पहुंच चुका है।

 

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असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 1.77 लाख लोग अब भी प्रभावित

असम में मंगलवार को बाढ़ की स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला, लेकिन चार जिलों के 1.77 लाख लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार कछार, दीमा हसाओ, मोरीगांव और नागांव जिलों में 1,76,900 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। 1.14 लाख से अधिक लोगों के साथ नगांव सबसे बुरी तरह प्रभावित है, इसके बाद मोरीगांव में 40,700 से अधिक लोग और कछार में लगभग 21,500 लोग प्रभावित हैं। सोमवार तक राज्य के चार जिलों में बाढ़ से लगभग 2.91 लाख लोग प्रभावित हुए थे। इस साल आई बाढ़ और भूस्खलन में 36 लोगों की जान चली गई है।

एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में 305 गांव पानी से घिरे हैं और राज्यभर में 13,508.25 हेक्टेयर में फसलों को नुकसान हुआ है। चार जिलों में 21 राहत शिविर और वितरण केंद्र काम कर रहे हैं, जहां 737 बच्चों सहित 3,656 लोग शरण लिए हैं। प्रभावितों के बीच कुल 81.34 क्विंटल चावल, दाल और नमक, 86 लीटर सरसों का तेल और अन्य सामान वितरित किया गया है। विश्वनाथ, कामरूप, तिनसुकिया और उदलगुड़ी जिलों में बड़े पैमाने पर कटाव की सूचना मिली थी।
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