मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि सिपाहियों से पुलिस अधिकारियों के घर पर अर्दली का काम लेना गैरकानूनी है। उन्हें तत्काल ऐसे कार्यों से मुक्त किया जाना चाहिए। वर्दी वालों से काम लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए।
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जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने कहा, प्रशिक्षित सिपाही जिन्हें 45,000 वेतन दिया जाता है, उन्हें ऐसे कार्यों में उलझा कर नहीं रखा जा सकता। अदालत ने यह निर्देश यू मनिक्वल की याचिका पर दिया। अदालत ने गौर किया कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व राजनेताओं के बीच सांठगांठ से आपराधिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
इसलिए पुलिस अधिकारियों को गुलदस्ता लेकर राजनेताओं के पास नहीं जाना चाहिए। यह एक प्रकार का दुराचार है। अतिरिक्त महाधिवक्ता पी कुमारेसन ने अदालत को बताया कि पिछले सप्ताह दोषी अधिकारियों पर अदालत की टिप्पणी से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को अवगत कराया गया है और उन्होंने इस दिशा में उचित कदम उठाए हैं।