आईआईटी मद्रास की शोध छात्रा ने साथी छात्र, दो प्रोफेसरों और अन्य पर चार साल से यौन उत्पीड़न व कार्यस्थल पर परेशान करने का आरोप लगाया है। छात्रा वर्ष 2016 से आईआईटी में है। इंस्टीट्यूट ने जांच में सहयोग करने और शोध कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी पीड़िता को हर तरह का सहयोग देने की बात कही है।
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पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। छात्रा ने शिकायत में इंस्टीट्यूट और दौरे के समय शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने, थीसिस के लिए लैब के उपकरणों के इस्तेमाल से रोकने के भी आरोप लगाए हैं।
उसके मुताबिक, इससे उसके शोध पर भी बुरा प्रभाव पड़ा। कुछ समय वह खामोश रही, लेकिन बाद में यौन उत्पीड़न के खिलाफ गठित आंतरिक समिति को शिकायत दी। समिति ने जांच के बाद मुख्य आरोपी समेत तीन छात्रों के इंस्टीट्यूट में प्रवेश पर तब तक रोक लगाने की संस्तुति की, जब तक छात्रा अपना शोध पूरा कर थीसिस दाखिल नहीं कर देती।