IIT खड़गपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र फैजान अहमद का शव हॉस्टल के बंद कमरे से बरामद किया गया था। पहले इस मामले को आत्महत्या माना गया था। हालांकि, अब परिजनों के दावे के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।
पश्चिम बंगाल के IIT खड़गपुर में छात्र फैजान अहमद का शव मिलने का मामला पेचीदा होता जा रहा है। घटना के करीब 15 दिन बाद छात्र के परिजनों ने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। फैजान के माता-पिता ने इस मामले में हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने हत्या की जांच सीआईडी या अन्य विशेष जांच एजेंसी से कराने की मांग की है।
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बता दें, IIT खड़गपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र फैजान अहमद का शव हॉस्टल के बंद कमरे से बरामद किया गया था। पहले इस मामले को आत्महत्या माना गया था। हालांकि, अब परिजनों के दावे के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।
सामने आया रैगिंग का एंगल
फैजान के पिता सलीम अहमद और मां रेहाना अहमद ने इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा है कि फैजान उनकी एकलौती संतान था। उसकी मौत के बाद उन्हें यह बताया गया कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार था और उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि, दोनों ने दावा किया कि कुछ दिन पहले फैजान ने 'एसिमिलेशन प्रोग्राम' का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था।
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दरअसल, एसिमिलेशन प्रोग्राम एक तरह से रैगिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। परिजनों का कहना है कि फैजान के मना करने के बाद उसे लगातार नजरअंदर किया जा रहा था। उन्होंने हत्या की जांच सीबीआई या सीआईडी से कराने की मांग की है।
असम का रहने वाला था फैजान
मृतक छात्र असम के तिनसुकिया का निवासी था। सूत्रों के मुताबिक, हत्या के पहले दो दिनों से वह लापता था। बाद में लाला लाजपत राय हॉल में बंद कमरे से दुर्गंध आने के बाद कमरे का दरवाजा खोला गया, तो मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र 23 वर्षीय फैजान अहमद मृत पाया गया था।