भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे की कैंटीन में शाकाहारी भोजन के लिए अलग मेज करने को लेकर विरोध छिड़ गया है। आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र संगठन ने दावा किया है कि छात्रावास की कैंटीन में शाकाहारी भोजन के लिए मेजें अलग करने का विरोध करने वाले छात्रों पर प्रशासन ने 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
भोजन अलग करने का विरोध
वामपंथी विचारधारा वाले छात्र संगठन आंबेडकर पेरियार फुले स्टडी सर्कल ने सोमवार देर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा कि आईआईटी बॉम्बे ने विद्यार्थियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संगठन ने बताया कि यह कार्रवाई उन छात्रों पर की गई, जिन्होंने भोजन को अलग-अलग मेजों पर देने का विरोध किया था। उसका कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई खाप पंचायत (जाति परिषद) के कार्य के समान है।
फिलहाल, इस मामले में आईआईटी बॉम्बे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह है मामला
पिछले सप्ताह आईआईटी बॉम्बे की एक कैंटीन में शाकाहारी छात्रों के लिए मेजें अलग करने को लेकर हुए विवाद के बाद ‘मेस काउंसिल’ ने आधिकारिक तौर पर कहा था कि तीन छात्रावासों की साझा कैंटीन में छह मेजें शाकाहारियों के लिए रहेंगी।
उसने यह भी कहा था कि इसका अनुपालन जरूरी है और मेस टीम को अगर इसके उल्लंघन की कोई जानकारी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा। मेस काउंसिल द्वारा पिछले सप्ताह छात्रावासों 12, 13 और 14 के छात्रों को भेजे गए एक ईमेल के अनुसार, इस तरह के उल्लंघनों को अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जाएगा।