संसदीय समिति ने दिया अहम सुझाव
इस बीच एक संसदीय समिति ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण दाखिल न करने पर आईएएस अधिकारियों के खिलाफ दंड या सुधारात्मक कार्रवाई का सुझाव दिया है।
रिपोर्ट 27 मार्च को संसद में पेश की गई
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित अनुदान मांगों (2025-26) पर कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय पर संसदीय स्थायी समिति की 145वीं रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में 91 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति रिटर्न (आईपीआर) दाखिल नहीं की, जबकि पिछले वर्ष 73 अधिकारियों ने ऐसा किया था। यह रिपोर्ट 27 मार्च को संसद में पेश की गई।
नहीं दी गई अनिवार्य सतर्कता मंजू
कुछ पदों पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य सतर्कता मंजूरी 2023 में 15 आईएएस अधिकारियों, 2022 में 12 और 2021 में 14 आईएएस अधिकारियों को नहीं दी गई। इस नामंजूरी की वजह संबंधित वर्षों के लिए आईपीआर दाखिल न करना बताई गई।