इलाहाबाद-मुगलसराय रूट पर चलने वाले यात्रियों को फिलहाल ट्रेनों की लेटलतीफी से राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। रेलवे ने इस रूट पर तीसरी लाइन बनाने का निर्णय तो ले लिया है, लेकिन दो हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस तीसरी लाइन को तैयार होने में तीन साल का वक्त लगेगा। रेलवे ने इसी तरह के कई रूट को ढूंढ रहा है जहां बॉटल नेक की समस्या रहती है। यानी ट्रेनों की आवाजाही में परेशानी होती है। रेल मंत्री का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए एलिवेटेड ट्रैक, बाइपास ट्रैक और तीसरी व चौथी लाइन बनाकर समस्या का हल निकाला जाएगा।
रेल टर्मिनल पर अतिरिक्त कोच स्टैंड बाई में रखी जाएगी
समयबद्घता के पालन के लिए रेलवे ने यह निर्णय लिया है कि ट्रेनों की रवानगी के लिए अब आने वाली ट्रेन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दरअसल ज्यादातर जो ट्रेन आती है उसे ही वापसी दिशा में भेजा जाता है। ट्रेन की साफ-सफाई में भी छह घंटे का वक्त लग जाता है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा कोच निर्माण कर इस समस्या से समाधान ढूंढा जाएगा। रेलवे बोर्ड के यातायात सदस्य मोहम्मद जमशेद के अनुसार 700-800 नए कोच का निर्माण किया जाएगा। ये कोच उस वक्त कामगार साबित होगें जब आने वाली ट्रेन रास्ते में लेट हो रही हो।
स्वतंत्रता दिवस से बदल जाएगी ट्रेनों की समय-सारणी
पंद्रह अगस्त को रेलवे की नई समय-सारणी आने वाली है। इस साल की समय-सारणी काफी बदली हुई नजर आएगी। रेलवे ट्रैफिक ब्लॉक को समय सारणी में शुमार होने से कई ट्रेनों का समय बदल जाएगा। रविवार को चलने वाली ट्रेनों में करीब 6 घंटे तक बदलाव नजर आएगा। ब्लॉक के चलते कई ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलाने की भी सूचना दी जाएगी। नई ट्रेनों की भी कम ही गुंजाइश देखने को मिलेगी। इसके साथ ही कई मालगाड़ियों का भी समय-निर्धारित किया जाएगा।