फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ॐ पर घमासान: कांग्रेस नेता सिंघवी ने किया विरोध, तो प्रमोद कृष्णम बोले- इसके बिना सनातन धर्म की कल्पना संभव नहीं

Mon, 21 Jun 2021 02:34 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक़, पार्टी इस समय यह निर्णय नहीं कर पा रही है कि उसे किस रास्ते पर आगे चलना है। अगर उसे भारतीय जनता पार्टी की ‘हिंदुत्व की राजनीति’ से मुकाबला करना है, तो उसे भी हिन्दूवादी राजनीति को बढ़ावा देना चाहिए...
विज्ञापन
अभिषेक मनु सिंघवी - फोटो : Amar Ujala (File)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ॐ के उच्चारण को लेकर कांग्रेस में ही घमासान मच गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि ओम कहने से योग की शक्ति नहीं बढ़ती, वहीं दूसरे नेताओं ने इसके समर्थन में बयान दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि ओम सनातन धर्म का आधार है। इसके बिना सनातन धर्म की कल्पना करना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर किसी को भी अनुचित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। योग गुरु स्वामी रामदेव ने भी अभिषेक मनु सिंघवी की टिप्पणी का विरोध किया है।

विज्ञापन


प्रियंका गांधी वाड्रा के विशेष राजनीतिक सलाहकार कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि धर्म ग्रंथों के अनुसार ॐ को नाद ब्रह्म कहा गया है। उन्होंने कहा कि ॐ सनातन धर्म का आधार बिंदु है। इसके बिना सनातन धर्म की कल्पना करना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ॐ केवल एक शब्द मात्र नहीं है, बल्कि यह इस चर-अचर जगत का आधार स्पंदन है, इसलिए किसी भी व्यक्ति के द्वारा अज्ञानतावश ॐ पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

सिंघवी ने ये कहा था

यूपीए सरकार में कानून मंत्री रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक ट्वीट कर विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि ॐ के उच्चारण से योग न तो ज्यादा शक्तिशाली हो जायेगा, और न अल्लाह कहने से योग की शक्ति कम होगी। कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी को चुनावी माहौल में सांप्रदायिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में हो सकता है नुकसान

कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक़, पार्टी इस समय यह निर्णय नहीं कर पा रही है कि उसे किस रास्ते पर आगे चलना है। अगर उसे भारतीय जनता पार्टी की ‘हिंदुत्व की राजनीति’ से मुकाबला करना है, तो उसे भी हिन्दूवादी राजनीति को बढ़ावा देना चाहिए। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि पार्टी के केन्द्रीय नेताओं के द्वारा केवल चुनाव के समय मंदिरों में जाकर फोटो खिंचवाने से काम नहीं चलेगा। उसे पूर्णकालिक हिंदूवादी राजनीति को अपनाना चाहिए। उसे पार्टी में भी उन चेहरों को आगे बढ़ाना चाहिए जो समाज में हिंदूवादी छवि के साथ देखे जाते हैं।

विज्ञापन


माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा एक बार फिर हिंदुत्ववादी राजनीति को आजमाएगी। वह अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का श्रेय लेने की भी कोशिश करेगी, चाहे भले ही इसके निर्माण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बाद प्रशस्त हुआ है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि अगर भाजपा की इस रणनीति से निर्णायक मुकाबला करना है तो उसे सही रणनीति के साथ हिंदूवादी राजनीति को आगे बढ़ाना चाहिए। इन नेताओं का मानना है कि इस परिस्थिति में कांग्रेस नेता की इस तरह की टिप्पणी पार्टी को लाभ की जगह नुकसान पहुंचा सकती हैं और नेताओं को इस तरह की अवांछित टिप्पणी से बचना चाहिए।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें