सर्वोच्च उपभोक्ता आयोग ने आईसीआईसीआई बैंक से कहा है कि वह 2006-07 में एटीएम धोखाधड़ी के शिकार एक ग्राहक को दो लाख रुपये से अधिक का रिफंड करे।
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने आईसीआईसीआई बैंक को धोखाधड़ी के शिकार हरियाणा के निवासी करम सिंह को 2 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर देने का भी आदेश दिया है।
करम सिंह को 11 नवंबर, 2006 से लेकर 2 फरवरी, 2007 के दौरान 2,07,368 रुपये का नुकसान हुआ था। करम सिंह का आरोप है कि इन तीन महीनों के दौरान उसके पास लेन-देन का कोई एसएमएस नहीं आया था।
एनसीडीआरसी के सदस्य ने कहा कि रिकॉर्ड से ये पता चलता है कि बैंक की तरफ से शिकायतकर्ता को एसएमएस सर्विस उपलब्ध कराई जा रही थी। हालांकि ये समझ से बाहर है कि यह सर्विस उस वक्त काम क्यों नहीं कर रही थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने 20 नवंबर 2006 को आखिरी ट्रांजेस्शन किया था।