भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने समुद्र में पाकिस्तान की कैद से छह भारतीय मछुआरों को छुड़ाया है। इन मछुआरों को 'पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी' (पीएमएसए) के द्वारा एक पाकिस्तानी बंदरगाह पर ले जाया जा रहा था।
आईसीजी के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना 6 अक्तूबर को हुई। भारतीय तटरक्षक जहाज 'अरिंजय' को सूचना मिली कि मछली पकड़ने वाली नाव 'हरसिद्धि-5' आपात स्थिति में है। यह नाव गुजरात तट पर समुद्री सीमा रेखा के नजदीक मछली पकड़ने की गतिविधियों में शामिल थी।
उन्होंने बताया कि रेडियो पर 'हरसिद्धी-5' के संकट में फंसे होने की सूचना मिली। इसके बाद गश्त कर रहा भारतीय तटरक्षक जहाज तेज स्पीड से उस स्थान की ओर आगे बढ़ा, जहां उसके होने की सूचना मिली थी। जैसे ही हमारा जहाज वहां पहुंचा। वहां मछली पकड़ने वाली नाव का मलबा पड़ा हुआ था और इलाके में एक व्यक्ति पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा जहाज (पीएमएसएस) 'बरकत' की लाइफबेल्ट के साथ अचेत अवस्था में जिंदा पड़ा हुआ था।
इसके बाद आईसीजी के जहाज ने उसे प्राथमिक उपचार दिया। फिर उसने बताया कि 6 अक्तूबर के अंधेरे में पीएमएसएस 'बरकत' ने भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव पर फायरिंग की थी, जिसके परिणामस्वरूप नाव डूब गई।
उस व्यक्ति ने बताया कि चालक दल के सात सदस्यों में छह को पाकिस्तानी जहाज द्वारा पकड़ लिया गया था। इसके बाद आईसीजी का जहाज पाकिस्तानी के जहाज की ओर बढ़ने लगा। आईसीजी ने पीएमएसएस बरकत को तुरंत भारतीय चालकदल को रिहा करने के लिए कहा, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा (आईएमबीएल) के भारतीय इलाके से पकड़ा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद पीएमएसएस ने इसका अनुपालन किया और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर चालक दल के सभी सदस्यों को रिहा कर दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद चालक दल को प्राथमिक उपचार दिया गया और जखाउ लाया गया। फायरिंग मामले की जांच की जा रही है और इस मुद्दे को उपयुक्त चैनलों के जरिए उठाया जाएगा। घटना मे प्राथमिकी दर्ज की गई है।