दिग्गज टेक कंपनी आईबीएम ने बुधवार को एलान किया कि वह केरल के कोच्चि शहर में एक सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री पी विजयन ने आईबीएम के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य के आईटी विकास में बड़ी छलांग लगाने का रास्ता तैयार होगा।
उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले ही मंगलवार को मुख्यमंत्री, आईबीएम इंडिया के प्रबंध निदेशक संदीप पाटिल और आईबीएम इंडिया सॉफ्टवेयर लैब्स के वाइस प्रेसिडेंट गौरव शर्मा ने एक वर्चुअल बैठक की थी। इसमें राज्य के डिजिटल मिशन को बढ़ाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर चर्चा की गई थी।
राज्य के सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास के लिए अधिक सक्रिय भूमिका में आने के लिए मुख्यमंत्री विजयन ने आईबीएम को धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा, इस बात में कोई संशय नहीं है कि आईबीएम का विस्तार केरल के आईटी विकास के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने के लिए एक रास्ता तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, केरल सरकार परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए आवश्यक प्रतिबद्धता और समर्थन सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि मंगलवार को पटेल और शर्मा के साथ सार्थक चर्चा हुई थी। इसके साथ ही इस नए उपक्रम के लिए केरल का पूरा समर्थन है।
विजयन ने आगे कहा कि, केरल में बनने वाला आईबीएम का यह केंद्र, सरकार और वैश्विक ग्राहकों की आवश्यकताओं का समर्थन करने के लिए समाधान विकसित करने, वैश्विक डिजाइन तकनीकों, चुस्त कार्यप्रणाली और स्वचालन, डेटा और एआई सहित उन्नत तकनीकों और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा।
उन्होंने कहा कि आईटी पेशेवरों और उद्यमियों के लिए केरल एक तरह का 'टैलेंट हब' है। हम राज्य में आईबीएम की ओर से प्रस्तावित विस्तार से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में नए तरीके और तकनीकी लाकर आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी विकास केंद्र बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं, आईबीएम ने इसे लेकर कहा है कि प्रस्तावित विस्तार एक खुले, सुरक्षित, विकेंद्रित आर्किटेक्चक के माध्यम से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के विकास को आकार देने के अपने दृष्टिकोण से जुड़ा है। बता दें कि भारत में आईबीएम सॉफ्टवेयर लैब्स अभी बंगलूरू, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई से संचालित हो रही हैं।