जिस समय बेटियां टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम ऊंचा कर रही थीं, उसी समय दिल्ली में एक नाबालिग दलित बेटी के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म हुआ और उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि घटना का सच सामने न आए, इसके लिए आरोपियों ने परिवार पर दबाव डालकर बेटी का अंतिम संस्कार भी करवा दिया। इस घटना के बाद दिल्ली में राजनीति गरमा गई है और यह सवाल किया जा रहा है कि आखिर 'हाथरस कांड' से देश ने क्या सबक सीखा, जहां बेटियों के साथ दुष्कर्म के बाद उनका शव तक जला दिया जा रहा है जिससे आरोपियों को बचाया जा सके।
वहीं, भाजपा ने इस मामले पर राहुल गांधी पर राजनीति करने और असंवेदनशीलता बरतने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि जब राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में दलित बेटियों के साथ दुष्कर्म हुआ तब राहुल गांधी या प्रियंका गांधी ने कोई ट्वीट नहीं किया और उन पीड़ित परिवारों के साथ कोई सहानुभूति नहीं जताई। लेकिन जब ऐसी घटना से कांग्रेस को राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना होती है तब वह वहां पर सक्रिय हो जाती है।
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मृतक बच्ची के माता-पिता की फोटो भी सोशल मीडिया पर डाल दी है, जबकि जुवेनाइल जस्टिस और पोक्सो एक्ट के अंतर्गत दुष्कर्म के मामलों में पीड़ित की पहचान उजागर नहीं की जा सकती है। पात्रा ने इस मामले में एनसीपीसीआर से राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की मांग भी की।
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी दिल्ली तक में इस तरह के घिनौने कांड अंजाम दिए जा रहे हैं। इस घटना से यही साबित होता है कि चाहे जितनी निर्भया यहां अपनी जान देती रहेंगी, लेकिन केंद्र सरकार दिल्ली की कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाएगी।
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीड़ि़त परिवार से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने तत्काल इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने का आदेश भी दे दिया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही। उन्होंने केंद्र सरकार से दिल्ली की कानून-व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की।