केंद्र सरकार में दो शीर्ष नौकरशाह, जिनमें कैबिनेट सचिव 'राजीव गौबा' और केंद्रीय गृह सचिव 'अजय कुमार भल्ला' शामिल हैं, उनके सेवा विस्तार को लेकर भी चर्चा शुरु हो गई है। इन दोनों नौकरशाहों का सेवा विस्तार, अगस्त 2024 में खत्म हो रहा है। अब दोनों नौकरशाहों को सेवा विस्तार मिलता है तो टॉप ब्यूरोक्रेसी में यह एक नया कीर्तिमान बन जाएगा।
एनडीए सरकार में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर 'सेवा विस्तार' की मेहरबानी बरस रही है। पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत नौकरशाहों को सेवा विस्तार दिया गया, अब केंद्रीय गृह मंत्रालय में सेवा विस्तार देने की शुरुआत हो गई है। सोमवार को खुफिया ब्यूरो 'आईबी' के निदेशक तपन कुमार डेका को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है। डेका, 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं। आईबी प्रमुख को सेवा विस्तार मिलने के बाद कई दूसरे अहम पदों पर बैठे आईपीएस भी सक्रिय हो गए हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें भी सेवा विस्तार मिल जाए। इसके अलावा केंद्र सरकार में दो शीर्ष नौकरशाह, जिनमें कैबिनेट सचिव 'राजीव गौबा' और केंद्रीय गृह सचिव 'अजय कुमार भल्ला' शामिल हैं, उनके सेवा विस्तार को लेकर भी चर्चा शुरु हो गई है। इन दोनों नौकरशाहों का सेवा विस्तार, अगस्त 2024 में खत्म हो रहा है। अब दोनों नौकरशाहों को सेवा विस्तार मिलता है तो टॉप ब्यूरोक्रेसी में यह एक नया कीर्तिमान बन जाएगा।
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इन आईएएस/आईपीएस की हुई वापसी
केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 2022 में 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी तपन कुमार डेका को दो साल की अवधि के लिए खुफिया ब्यूरो का निदेशक नियुक्त किया था। इस नियुक्ति के लिए कई वरिष्ठ आईपीएस अफसर भी दौड़ में थे, लेकिन डेका ने सभी को पीछे छोड़ दिया था। जानकारों का कहना है कि डेका को आईबी चीफ बनाने के लिए चार आईपीएस अफसरों की वरिष्ठता को दरकिनार किया गया। पिछले दिनों 'मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति' ने अजीत डोभाल, आईपीएस (सेवानिवृत्त) को बतौर 'राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार' नियुक्त करने को मंजूरी दी थी। वे तीसरी बार इस पद पर नियुक्त हुए हैं। उनके साथ ही पूर्व आईएएस अधिकारी पीके मिश्रा को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व आईएएस अमित खरे और तरुण कपूर भी 10 जून से दो साल के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकार नियुक्त किए गए हैं। ये सभी पूर्व आईएएस अधिकारी, मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान भी पीएमओ में ही कार्यरत रहे हैं।
तो बन जाएगा नया कीर्तिमान
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, झारखंड कैडर के 1982 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 2019 में दो साल के लिए कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे केंद्रीय गृह सचिव थे। 2021 में राजीव गौबा को पहला सेवा विस्तार मिला। अगस्त 2022 में उन्हें दोबारा से एक साल का सेवा विस्तार प्रदान किया गया। गत वर्ष उन्हें तीसरा सेवा विस्तार दिया गया था। वे इस वर्ष तीस अगस्त तक कैबिनेट सचिव के पद पर काम करते रहेंगे। पिछले साल कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958 के तहत राजीव गौबा को एक वर्ष की अवधि का सेवा विस्तार प्रदान किया था। यह कार्यकाल पूरा करने के बाद वे देश में सबसे लंबे समय तक कैबिनेट सचिव के पद पर कार्य करने वाले नौकरशाह बन जाएंगे। यदि उन्हें चौथा सेवा विस्तार मिलता है तो देश की शीर्ष नौकरशाही में कैबिनेट सचिव के पद पर सबसे ज्यादा सेवा विस्तार दिए जाने का एक कीर्तिमान बन जाएगा।
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क्या अजय भल्ला को मिलेगा 5वां सेवा विस्तार?
असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अजय कुमार भल्ला को अगस्त 2019 में केंद्रीय गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। भल्ला को नवंबर 2020 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उससे पहले ही केंद्र सरकार ने अक्तूबर 2020 में उन्हें एक साल का सेवा विस्तार देकर उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2021 तक बढ़ा दिया था। उसके बाद उन्हें दूसरा और तीसरा सेवा विस्तार दिया गया। भल्ला को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विश्वस्त माना जाता है। पिछले साल उन्हें 22 अगस्त 2024 तक चौथा सेवा विस्तार प्रदान कर दिया गया। ये दोनों नौकरशाह मोदी सरकार के विश्वस्त माने जाते हैं। राजस्थान कैडर की 1989 बैच की आईपीएस अधिकारी नीना सिंह, जो वर्तमान समय में सीआईएसएफ प्रमुख हैं, उनकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2024 को है।