नौसेना ने शनिवार को भारतीय तट से करीब 2600 किलोमीटर दूरी पर जहाज को जब्त किया और और 35 समुद्री लुटेरों को पकड़ लिया। इसके बाद बंधक बनाए गए 17 लोगों को रिहा कराया। यह अभियान करीब 40 घंटे तक चला। नौसेना ने C-17 विमान का इस्तेमाल करते हुए आईएनएस कोलकाता, आईएनएस सुभद्रा और समुद्री ड्रोन को तैनात किया।
सोमाली समुद्री डाकुओं ने व्यापारिक जहाज एमवी रुएन को दिसंबर में अपने कब्जे में ले लिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में वायुसेना ने कहा, एकजुटता और एकीकरण का प्रदर्शन दिखाते हुए C-17 विमान ने समुद्री डकैती रोधी अभियान के लिए अरब सागर में भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो के साथ दो लड़ाकू नौकाओं के सटीक एयरड्रॉप को अंजाम दिया।
वायुसेना ने कहा, विमान ने भारतीय तट से करीब दस घंटे की उड़ान भरी और 2600 किलोमीटर दूर एक क्षेत्र में एमवी रुएन के चालक दल को बचाने के लिए अभियान चलाया। हाल ही में यमन के सोकोत्रा द्वीप के पास सोमाली समुद्री डाकुओं ने जहाज का अपहरण कर लिया था। वहीं नौसेना ने कहा, एमवी रुएन की समुद्री क्षमता का आकलन किया जा रहा है। करीब 10 लाख डॉलर की कीमत का करीब 37,800 टन माल ढोने वाले इस पोत को अब भारत लाया जाएगा।
इसने आगे कहा, "यह समुद्री डकैती रोधी अभियान दक्षिण हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दिखाता है।" हूती उग्रवादियों की ओर से लाल सागर में मालवाहक जहजों पर बढ़ते हमलों के बीच भारतीय नौसेना ने रणनीतिक जलमार्गों पर नजर रखने के लिए दस से ज्यादा युद्ध पोतों को तैनात किया है।
वायुसेना ने चलाया बांबी बकेट अभियान
वहीं, वायुसेना के नीलगिरी में जंगल में फैली आग को बुझाने के लिए आज कई बांबी बकेट अभियान चलाया। इसके लिए एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। वायुसेना ने कहा, हेलीकॉप्टर ने वन विभाग और राज्य प्रशासन के सहयोग से आग के फैलने से रोकने के लिए 16 हजार लीटर से ज्यादा पानी छोड़ा।