बीजेडी के पिनाकी मिश्रा ने कहा कि ऐसे मामलों में बढ़ोत्तरी के लिए व्यवस्था भी दोषी है। उन्होंने कहा कि निर्भया मामले में सात साल गुजर जाने के बावजूद दोषियों को मौत की सजा नहीं मिली। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि अगर दोषी राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर नहीं करता है तो इसके लिए भी प्रावधान होना चाहिए।
महिला सुरक्षा पर सभी रहे विफल : अनुप्रिया
अपना दल की सांसद अनुप्रिया ने कहा कि संसद में हर बार इस तरह की घटना पर चर्चा होती है, आक्रोश व्यक्त किया जाता है, मगर हालात में सुधार के बदले स्थिति और बदतर हो जाती है। ऐसी घटनाओं से देश की भावना आहत होती हैं। पीड़िता के परिजनों को एफआईआर दर्ज करने में मशक्कत करनी पड़ी। सीएम को मामले में फास्ट ट्रैक गठन में तीन दिन का समय लग गया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के सवाल पर सभी विफल हैं।
हम तैयार, संसद तय करे : राजनाथ
इस घटना से पूरा देश शर्मशार है। निर्भया कांड के बाद कठोर कानून बना था। हालांकि इसके बाद भी जघन्य कृत्य हो रहे हैं। जहां तक सांसदों की भावनाओं की बात है तो सरकार कठोर कानून बनाने केलिए तैयार है। संसद इस पर चर्चा करे। जिस प्रकार के कानून बनाने पर सहमति बनेगी सरकार वैसा ही कानून बनाने के लिए तैयार है।
तेलंगाना की राज्यपाल तमलिसै सौंदरराजन ने कहा कि जल्द ही वह घटना की रिपोर्ट केंद्रीय गृहमंत्रालय को भेजेंगी। उन्होंने सोमवार को कहा कि मैंने राज्य सरकार से कुछ जानकारी मांगी है, जिसके मिलने के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वह मृतका के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने की कोशिश कर रही हैं।
स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने को लिखा पत्र
तेलंगाना की शिक्षा मंत्री पी सबिथा इंदिरा रेड्डी ने राज्य के डीजीपी को पत्र लिखकर स्कूलों और कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा है। रेड्डी ने कहा कि डीजीपी को ‘शी टीम’ की मदद से कार्यक्रम चलाने को कहा गया। यह टीम हर स्कूल और कॉलेज में जाएगी और लड़कियों से बात करेगी।