अखिल भारतीय कुश्ती दंगल में रियो ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक के आगमन को लेकर दंगल कमेटी ने जिलाधिकारी को अवगत नहीं कराया। साक्षी मेला में आई तो जरूर लेकिन अधिक भीड़ और धक्का मुक्की को देखते हुए दंगल में ज्यादा देर तक नहीं रुकी। अखाड़े में साक्षी मलिक के नागरिक अभिनंदन के दौरान भी खूब धक्का मुक्की हुई। दंगल में जब भी कोई स्टार खिलाड़ी आता है तो उन्हें अखाड़े में चारों तरफ घुमाया जाता है जिससे जनता उन्हें देख सके और वह भी जनता का अभिनंदन स्वीकार कर सकें। साक्षी मलिक को अखाड़े के चारों तरफ घुमाने के दौरान आयोजक ही उन्हें घेरे रहे जिससे जनता को वह कम दिखाई दे रही थीं। इस पर जनता ने खूब शोर मचाया। भीड़ एक साथ अखाडे़ की तरफ टूट पड़ी।
इससे पुलिस कर्मियों के हाथ पैर फूल गए। अनियंत्रित भीड़ को काबू करने में पुलिस के हाथ पैर फूल गए। कुछ देर बाद डीम अविनाशकृष्ण भी दंगल में पहुंचे और साक्षी मलिक को अपने साथ दंगल में घुमाया तब कहीं जाकर लोगों का गुस्सा शांत हो सका। साक्षी मलिक दंगल की भीड़ को देख कर प्रसन्न तो थीं, लेकिन कई बार उनके साथ धक्का-मुक्की होने वह नाखुश दिखीं और ज्यादा देर दंगल में नहीं रुकी और वहां से रवाना हो गईं।
- दंगल कमेटी द्वारा साक्षी मलिक के आगमन की कोई लिखित जानकारी नहीं दी गई। यदि समय रहते उनके आगमन की जानकारी दी जाती तो सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जाता और साक्षी मलिक को दंगल में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
- अविनाशकृष्ण सिंह, जिलाधिकारी
अखाड़े में जूते पहन कर घुसे लोग
हाथरस। अखिल भारतीय कुश्ती दंगल में ऐसा पहली बार हुआ है जब दंगल के दौरान पुलिस कर्मी व अनियंत्रित भीड़ अखाड़े में पहुंचे हों। अखाडे़ में पुलिस कर्मी व भीड़ के लोग जूते पहन कर घुस गए। इसे देख कर अखाड़े में दूर दराज से आए नामी पहलवानों ने नाराजगी व्यक्त की।