बीएचयू के कुलपति जीसी त्रिपाठी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने समन जारी किया है। त्रिपाठी मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक पार्टियों का दावा है कि एचआरडी मिनिस्ट्री ने उन्हें समन किया है। हालांकि वाइस चांसलर जीसी त्रिपाठी ने इस तरह की खबर को नकारते हुए इसे झूठ करार दिया है।
यूनिवर्सिटी के एक प्रवक्ता का कहना है कि बीएचयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की तिमाही बैठक में शामिल होने के लिए वीसी दिल्ली गए हुए हैं। इन सबके अलावा वाराणसी के कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने बीएचयू बवाल को लेकर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट राज्य के चीफ सेक्रेटरी राजीव कुमार को सौंप दी है, जिसमें बीएचयू में हुए बवाल के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
उन्होंने इस रिपोर्ट में कहा है कि पीड़िता की शिकायत पर यूनिवर्सिटी ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और न ही इस मामले पर कोई जरूरी कार्रवाई ही की।
इससे पहले जीसी त्रिपाठी ने एक इंटरव्यू में कहा कि BHU में शोषण का मुद्दा क्रिएट किया गया है। मुझे ऐसा लगता है कि कुछ बाहरी लोगों ने इस मामले को जबरदस्ती तूल दिया। ये लोग झूठ को भी सच की तरह पेश कर रहे हैं, यही वजह है कि अपरिपक्व और मासूम दिमाग उसे सच की तरह स्वीकार कर रहे हैं।
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सोमवार को विश्वविद्यालय के 1000 अज्ञात छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई जिसमें यूनिवर्सिटी में हिंसा, हथियार और सरकारी काम को प्रभावित करने की धाराएं लगाई गईं। शनिवार को कैंपस में हिंसा देखने को मिली थी।
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