कोविड का टीका लगते वक़्त क्या तुरंत ही आपके मोबाइल पर कोई मैसेज आया या नहीं। क्या आपको कोविन एप से प्रमाणपत्र उसी जगह का मिला जहां आपने टीका लगवाया। क्या टीकाकरण कैम्प में उसी हेल्थ अफसर ने टीका लगाया जिसका नाम आपके प्रमाणपत्र पर लिखा है। इसके अलावा अगर टीका लगने के बाद आपके शरीर में जरा भी मांसपेशियों में दर्द या अन्य लक्षण न दिखें तो ज़रूर सजग हो जाना चाहिए। क्योंकि कहीं ऐसा ना हो कि आपको भी किसी सोसाइटी या किसी कंपनी के कार्यालय में बुलाकर नकली कोविड का टीका लगा दिया गया हो और इसके लिए बाकायदा आपसे फीस भी वसूली गई हो। दरअसल मुंबई के हीरानंदानी एस्टेट में लगाए गए नकली टीके के बाद पूरे देश में लगाये जाने वाले ऐसे कैम्प को लेकर लोगों में डर बैठ गया है। मेडिकल एक्सपर्ट्स की भी राय है कि अगर आप ऐसे कैंप में टीकाकरण कराने जा रहे हैं तो सबसे पहले उस कैंप की वैधानिकता अवश्य जांच लें।
अगर आप भी किसी सोसाइटी या किसी कंपनी की तरफ से आयोजित कोविड टीकाकरण कैंप में टीका लगवाने जा रहे हैं तो एक बार उसकी पड़ताल जरूर कर लीजिएगा। कहीं ऐसा न हो कि कैंप में लगने वाले टीके आपको नकली ही लगाए जा रहे हों। मुंबई के हीरानंदानी एस्टेट में लगाए गए फर्जी टीकों के बाद बड़े शहरों की सोसाइटीज और कंपनियों में आयोजित किए जाने वाले कैम्प को लेकर तमाम सवाल उठने लगे हैं। देश में फर्जी टीका लगाने वालों का एक सक्रिय ग्रुप मुंबई पुलिस ने पकड़ा है। उसमें कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं।