केंद्र में बतौर प्रतिनियुक्ति पर आने वाले आईपीएस अफसरों का तय कोटा भर नहीं पा रहा है। आईपीएस डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी के पद खाली पड़े हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की 11 अगस्त 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, डीजी के 15 स्वीकृत पदों में से दो खाली थे, लेकिन एसडीजी के सभी दस पद भरे हुए थे। एडीजी के 26 पदों में से केवल दो स्थान खाली थे। आईजी के 138 पदों में से 20 रिक्त हैं। डीआईजी के 255 पदों में से 86 रिक्त थे और एसपी रैंक के 225 पदों में से 95 पद खाली बताए गए हैं। सीबीआई में एसपी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 73 पदों में से 42 पद खाली पड़े हैं, जबकि 'आईबी' में एसपी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 83 पदों में से 34 पद खाली पड़े हैं। एनआईए में भी एसपी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 36 पदों में से सात पद खाली पड़े हैं। एनपीए में एसपी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 14 पदों में से 8 पद खाली पड़े हैं।
केंद्र में इन आईपीएस को मिली है तैनाती
हालांकि 19 सितंबर को मुकेश सिंह आईपीएस (एजीएमयूटी 1996) को आईटीबीपी में आईजी लगाया गया है। 21 अगस्त को राकेश अग्रवाल (पंजाब 1999) को सीआरपीएफ में आईजी लगाया गया है। 21 अगस्त को ही पटेल पीयूष पुरुषोतम दास (गुजरात 1998) को बीएसएफ में आईजी लगाया गया है। 18 सितंबर को राम प्रसाद मीणा को (एएम 1993) को बीएसएफ में एडीजी लगाया गया है। 20 सितंबर को डीआईजी कुलदीप द्विवेदी (जेएच 2005) को आईटीबीपी से सीबीआई में भेजा गया है। चार सितंबर को संजय भास्कर (एमएच 2005) डीआईजी के बीएसएफ में प्रतिनियुक्ति पर जाने के आदेश रद्द कर दिए गए। 21 अगस्त को आर गोपाला कृष्णा राव, (टीआर 2005) को सीआरपीएफ में डीआईजी लगाया गया है। 11 अगस्त को अखिलेश्वर सिंह (ओडी 2009) को एसएसबी में डीआईजी लगाया गया है। 31 अगस्त को संदीप (एजीएमयूटी 11) को एनआईए में एसपी लगाया गया है। 21 अगस्त को सुदीप्ता दास (टीआर 2012) को एनएसजी में 'कमांडेंट' लगाया गया है। अभिषेक जोरवाल (हरियाणा 2011) को एनआईए में लगाया गया था, लेकिन 17 अगस्त को उनके प्रतिनियुक्ति आदेश कैंसल कर दिए गए।
केंद्रीय बलों में भी रिक्त पड़े हैं आईपीएस के पद
बीएसएफ में डीआईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 26 पदों में से 8 पद खाली पड़े हैं। सीआईएसएफ में डीआईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 20 पदों में से 13 पद खाली पड़े हैं। आईबी में डीआईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 63 पदों में से 41 पद खाली पड़े हैं। आईटीबीपी में डीआईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 11 पदों में से 6 पद खाली पड़े हैं। एसएसबी में डीआईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 24 पदों में से 10 पद खाली पड़े हैं। सीआरपीएफ में डीआईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 38 पदों में से एक पद खाली पड़ा हैं। सीबीआई में आईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 16 पदों में से 5 पद खाली पड़े हैं। आईबी में आईजी स्तर पर आईपीएस के लिए स्वीकृत 37 पदों में से 6 पद खाली पड़े हैं। तीन मार्च 2023 की स्थिति के अनुसार, विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों, आयोगों और जांच एवं खुफिया एजेंसियों में डीआईजी 'आईपीएस' के लिए स्वीकृत 255 पदों में से 77 पद खाली थे। इससे पहले खाली पदों की यह संख्या 120 से 186 के बीच रही है।
गत वर्ष समाप्त कर दी गई थी पैनल प्रक्रिया
लंबे समय से विशेषकर आईपीएस डीआईजी, केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर आने का मन नहीं बना पा रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक कमेटी ने सुझाव दिया था कि इन अधिकारियों के लिए पैनल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया जाए। इसके पूरा होने में काफी समय लगता है। सरकार के इस कदम का मकसद, केंद्र में डीआईजी-रैंक के अधिकारियों की भारी कमी को दूर करना था। कैबिनेट की नियुक्ति समिति के पास यह प्रस्ताव कई बार भेजा गया था। गत वर्ष 10 फरवरी को इसे कमेटी की मंजूरी मिल गई थी। केंद्र सरकार का मानना था कि डीआईजी-रैंक के अधिकारियों के लिए पैनल सिस्टम को खत्म करने से अब प्रतिनियुक्ति पर अधिक आईपीएस केंद्र में आ सकेंगे। मनोनयन प्रक्रिया पूरी होने में करीब एक साल लग जाता था। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी कहा था कि जो भी आईपीएस एसपी या डीआईजी, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं आएंगे, उन्हें बाकी सेवा के दौरान केंद्रीय नियुक्ति से प्रतिबंधित किया जा सकता है। इससे पहले केंद्र ने 'अखिल भारतीय सेवा' नियमों में संशोधन भी किया था। उसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार, आईएएस व आईपीएस अधिकारी को राज्य की अनुमति या बिना अनुमति के भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुला सकती है।
डीआईजी के पद पर क्यों नहीं आना चाहते आईपीएस
बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद का कहना है कि राज्य पुलिस से डीआईजी या एसपी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर आने के लिए तैयार नहीं होते। इसकी एक बड़ी वजह रही है। वह है कि उन्हें यहां पर पोस्टिंग में च्वाइस नहीं मिलती। जब मन मुताबिक पोस्टिंग नहीं मिलती तो वे क्यों आएंगे। आईबी और सीबीआई में भी इसी वजह से आईपीएस एसपी के ज्यादातर पद खाली पड़े रहते हैं। मौजूदा समय में स्टेट पुलिस में डीआईजी का ज्यादा रोल नहीं बचा है। अब तो कई राज्यों में आईएएस के पदों पर भी आईपीएस लगाए जाने लगे हैं। पहले तो सबसे खराब स्थिति सीएपीएफ में रही है। यहां तो डीआईजी के अधिकांश पद रिक्त ही पड़े रहते थे। मजबूरन, आईपीएस डीआईजी के खाली पदों को कैडर अफसरों से भरा जाता था। सीएपीएफ में डीआईजी की सख्त पोस्टिंग होती है, इसलिए वे प्रतिनियुक्ति पर नहीं आते थे। सरकार की सख्ती के चलते अब इन बलों में डीआईजी के पद पर आईपीएस आने लगे हैं।
केंद्र में आईपीएस प्रतिनियुक्ति की 3 मार्च की स्थिति
तीन मार्च 2023 की स्थिति के अनुसार, विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों, आयोगों और जांच एवं खुफिया एजेंसियों में डीआईजी 'आईपीएस' के लिए 255 पद स्वीकृत थे। इनमें से डीआईजी के 77 पद अभी खाली पड़े थे। आईजी 'आईपीएस' के लिए 138 पद स्वीकृत थे, जिनमें से 19 पद खाली पड़े थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर डीजी रैंक के लिए 15 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से दो पद खाली थे। एक पद बीएसएफ डीजी का और दूसरा एनपीए निदेशक का पद शामिल था। एसडीजी 'आईपीएस' के लिए 10 पद मंजूर किए गए हैं, उनमें भी दो पद रिक्त थे। एडीजी 'आईपीएस' के 26 पद हैं। इनमें भी तीन पद खाली पड़े थे। एसपी आईपीएस के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 225 है। इन पदों में से 113 पद रिक्त थे। आईबी में डीआईजी के लिए स्वीकृत 63 पदों में से 38 पद खाली थे, जबकि आईपीएस एसपी के लिए मंजूर 83 पदों में से 40 पद रिक्त पड़े थे।
साल 2020 में आईपीएस प्रतिनियुक्ति का कोटा
30 जुलाई 2020 की स्थिति के मुताबिक, केंद्र में बतौर प्रतिनियुक्ति डीआईजी आईपीएस के लिए 254 पद स्वीकृत थे। इनमें से 164 पद थे। आईजी आईपीएस के लिए स्वीकृत 135 पदों में से 20 पद खाली पड़े थे। डीजी रैंक के लिए 13 पद स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से दो पद खाली थे। एसडीजी 'आईपीएस' के 10 में से 3 पद रिक्त थे। एडीजी 'आईपीएस' के 27 पदों में से चार पद खाली रहे। उस दौरान एसपी 'आईपीएस' के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 199 थी, मगर इनमें से 97 पद रिक्त रहे। हैरानी की बात रही कि उस वर्ष बीएसएफ में आईपीएस डीआईजी के 26 पदों में से 22 पद खाली थे। सीआरपीएफ में ये पद 38 थे, जिनमें से केवल एक ही पद भरा हुआ था। सीबीआई में 35 में से 20 पद खाली थे, जबकि सीआईएसएफ में 20 में से 16 पद रिक्त थे। आईबी में आईपीएस डीआईजी के 63 में से 28 पद और आईपीएस एसपी के 83 में से 49 पद खाली रह गए थे।
2021 में आईपीएस डीआईजी के 186 पद खाली
9 जून 2021 की स्थिति के अनुसार, केंद्र में बतौर प्रतिनियुक्ति डीआईजी 'आईपीएस' के लिए 251 पद स्वीकृत थे। इनमें से 186 पद खाली थे। आईजी आईपीएस के लिए स्वीकृत 140 पदों में से 26 पद खाली पड़े थे। हैं। डीजी रैंक के लिए 13 पद स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से चार पद खाली थे। एसपी 'आईपीएस' के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 203 थी, मगर इनमें से 96 पद रिक्त रहे। उस दौरान सीआरपीएफ व बीएसएफ में आईपीएस डीआईजी के अधिकांश पद खाली रहने के कारण उन्हें सीएपीएफ कैडर अधिकारियों की ओर डायवर्ट कर दिया गया था।