केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर अब दोबारा से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए उत्तर पूर्व के राज्यों और जम्मू-कश्मीर' के जोखिम भरे क्षेत्रों में 'एयर कूरियर सर्विस' शुरू की जा रही है। सीएपीएफ यानी बीएसएफ 'नोडल एजेंसी', सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और सीआईएसएफ के अलावा असम राइफल्स, एनएसजी, आईबी और एनडीआरएफ के जवानों को भी यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए गृह मंत्रालय ने 19 करोड़ 47 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। खास बात है यह राशि केवल एक माह की हवाई यात्रा के लिए है। यह सेवा एक अप्रैल 2022 से 30 अप्रैल 2022 तक शुरू की जा रही है।
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि 'एयर कूरियर सर्विस' को नियमित तौर पर शुरू करने के लिए एयर इंडिया लिमिटेड के साथ जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। चूंकि अभी टेंडर प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचने में समय लगेगा, तब तक जवानों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए इस सेवा को एक माह तक के लिए बढ़ाया गया है। इस अवधि के दौरान टेंडर पास हो जाएगा। उसके बाद केंद्रीय बलों के लिए यह सेवा नियमित तौर पर शुरू हो जाएगी।
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए हवाई यात्रा सेवा पहली अप्रैल से रोक दी गई थी। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को इस संबंध में एक बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सड़क पर चलने वाले सीएपीएफ काफिलों को आतंकवादी आसानी से निशाना बना सकते हैं। जवानों की हवाई यात्रा सुविधा को अविलंब शुरू किया जाए। देश अभी पुलवामा के आतंकी हमले को भूला नहीं है, जिसमें देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे।
अमर उजाला डॉट कॉम ने सबसे पहले चार अप्रैल को
'केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से छिनी हवाई यात्रा सुविधा: कश्मीर से उत्तर पूर्व तक के जोखिम भरे क्षेत्रों में करना होगा सड़क मार्ग से सफर' इस शीर्षक से यह खबर ब्रेक की थी। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सैनिकों की सुरक्षा को देखते हुए यह सेवा तत्काल बहाल कर केंद्र सरकार, सैनिकों व अर्धसैनिक बलों की जान जोखिम में डालने के लिए देश से माफी मांगे। इसके बाद गृह मंत्रालय ने कहा था कि यह सेवा रोकी नहीं गई है।
पिछले साल भी केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 31 अगस्त के बाद 'दिल्ली-श्रीनगर-दिल्ली' और 'श्रीनगर-जम्मू-श्रीनगर' रूट पर एयर कूरियर सर्विस रोक दी गई थी। तब केंद्रीय सुरक्षा बलों की हवाई यात्रा सेवा को 31 अगस्त 2021 के बाद जारी रखने की मंजूरी नहीं मिल सकी थी। खास बात है कि संबंधित नोडल एजेंसी यानी बीएसएफ ने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय को पहले ही अवगत करा दिया था।
मंत्रालय को बताया गया था कि सीएपीएफ में हवाई सेवा की पांच माह की मंजूरी अवधि एक अप्रैल 2021 से 31 अगस्त 2021 को खत्म हो रही है। 31 अगस्त के बाद एयर कूरियर सर्विस बंद हो जाएगी। यह एक्सटेंशन सात महीने की अवधि के लिए यानी एक सितंबर से लेकर 31 मार्च 2022 तक दी जानी थी। अगर टेंडर प्रक्रिया की अवधि पहले खत्म हो जाती है तो एयर कूरियर सर्विस भी उसी समय से बंद मानी जाएगी। उस वक्त भी मीडिया में यह खबर छपने के दस दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सेवा को दोबारा से शुरू करने का आदेश जारी किया था।