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Amit Shah: 'जिन लोगों ने आरोप लगाए, वे पीएम से माफी मांगें', गुजरात दंगों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बोले अमित शाह

Sat, 25 Jun 2022 11:33 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमित शाह ने 2002 गुजरात दंगों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के संघर्ष पर बात की। गृह मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने इस पर चुपचाप वर्षों तक हमले सहे।
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गृह मंत्री अमित शाह। - फोटो : अमर उजाला।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में 2002 के गुजरात दंगे पर कई बड़े खुलासे किए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संतोष जताया। शाह ने इस पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। पीएम मोदी पर गलत आरोप लगाए गए थे। ऐसा करने वालों को अब माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि मोदीजी ने हमेशा ही कानून का साथ दिया। 
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अमित शाह ने बताया कि 18-19 साल की लड़ाई, देश का इतना बड़ा नेता एक शब्द बोले बगैर सभी दुखों को भगवान शंकर के विषपान की तरह गले में उतारकर सहन कर लड़ता रहा। आज जब अंत में सत्य सोने की तरह चमकता हुआ आ रहा है, तो अब आनंद आ रहा है। मैंने मोदी जी को नजदीक से इस दर्द को झेलते हुए देखा है क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी तो सब कुछ सत्य होने के बावजूद भी हम कुछ नहीं बोलेंगे.. बहुत मजबूत मन का आदमी ही ये स्टैंड ले सकता है।

शाह ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज किया है। आप कह सकतें हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने ये सिद्ध कर दिया है कि सभी आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित थे। मोदी जी से भी पूछताछ हुई थी लेकिन तब किसी ने धरना-प्रदर्शन नहीं किया था और हमने कानून को सहयोग दिया और मेरी भी गिरफ़्तारी हुई थी लेकिन कोई भी धरना-प्रदर्शन नहीं हुआ था। जिन लोगों ने मोदी जी पर आरोप लगाए थे अगर उनकी अंतरात्मा है तो उन्हें मोदी जी और बीजेपी नेता से माफी मांगनी चाहिए।"
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गुजरात दंगों में सेना को क्यों नहीं बुलाया गया, अमित शाह ने दिया ये जवाब
गुजरात दंगों में सेना को नहीं बुलाए जाने के सवाल पर अमित शाह ने कहा, "जहां तक गुजरात सरकार का सवाल है हमने कोई लेटलतीफी नहीं की, जिस दिन गुजरात बंद का एलान हुआ था उसी दिन हमने सेना को बुला लिया था। गुजरात सरकार ने एक दिन की भी देरी नहीं की थी और कोर्ट ने भी इसका प्रोत्साहन किया है। लेकिन दिल्ली में सेना का मुख्यालय है, जब इतने सारे सिख भाइयों को मार दिया गया, 3 दिन तक कुछ नहीं हुआ। कितनी SIT बनी? हमारी सरकार आने के बाद SIT बनी। ये लोग हम पर आरोप लगा रहे हैं।
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