केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार राज्यों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करना चाहती है। प्रस्तावित नई सहकारिता नीति पर अब तक 10 मंत्रालयों और छह राज्यों सहित 35 हितधारकों से सुझाव प्राप्त हुए हैं।
सहकारी समितियों की मजबूती के लिए सरकार अगले वित्त वर्ष से नई योजना लाने पर विचार कर रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में यह जानकारी दी।
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राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में शाह ने कहा कि अभी देश में सहकारिता क्षेत्र के विकास और संवर्धन के लिए केवल एक ही योजना सेंट्रल सेक्टर इंटीग्रेटेड स्कीम ऑन एग्रीकल्चरल कोऑपरेशन है।
इस योजना के तहत राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (एनसीडीसी), सहकारिता शिक्षा एवं प्रशिक्षण और राष्ट्रीय सहकारिता संघ को मदद दी जा रही है। शाह ने कहा कि नए मंत्रालय के गठन के साथ ही 2022-23 से नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सरकार राज्यों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करना चाहती है। प्रस्तावित नई सहकारिता नीति पर अब तक 10 मंत्रालयों और छह राज्यों सहित 35 हितधारकों से सुझाव प्राप्त हुए हैं।