सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस के मौके पर जैसलमेर में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीएफएफ की स्थापना के बाद पहली बार यह समारोह देश की सीमा से सटे जिले में मानने का निर्णय लिया गया है। इस परंपरा को जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के पुलिस बल, बीएसएफ और सीआरपीएफ के 35 हजार से ज्यादा जवानों ने अलग-अलग जगहों पर अपना बलिदान दिया है। मुझे गर्व है कि बीएसएफ इसमें सबसे आगे है। उन्होंने कहा देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को मैं पूरे देश की तरफ से श्रद्धांजलि देता हूं।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी सीमा की रक्षा करने वाला बल बीएसएफ ही है। उन्होंने कहा सीमा सुरक्षित हो, तभी देश प्रगति कर सकता है। बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बल इस काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। आयोजन में बीएसएफ के महानिदेशक पंकज कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि हाल में 50 हजार सीएपीएफ जवानों की भर्ती हुई है, जल्द और भर्तियां होंगी।
बीएसएफ को मिल रहीं विश्वस्तरीय तकनीकि
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल हमारा प्राथमिक रक्षा पंक्ति है। हमारी सरकार के लिए राष्ट्र सुरक्षा का मतलब ही है सीमाओं की सुरक्षा। बीएसफ को सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं और तकनीकि से लैस किया जा रहा है। हमारी सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध भी है। इस मौके पर गृह मंत्री ने बीएसएफ जवानों को मेडल देकर सम्मानित भी किया।
अमृतकाल के रूप में दिखेगा ये कालखंड
अमित शाह ने कहा कि भारत की आजादी को 75 साल हो गए हैं। हमारी सरकार इसे अमृत महोत्सव के रूप में मना रही है। 25 साल बाद जब आजादी की शताब्दी होगी तब यह 25 साल का कालखंड अमृतकाल के रूप में दिखेगा।
ड्रोन रोधी स्वदेशी तकनीक के विकास पर जोर
सरकार नए खतरों को समझते हुए वैश्विक तकनीकें अपने सैनिकों और सीमा सुरक्षा के लिए मुहैया करवा रही है। बीएसएफ, एनएसजी और डीआरडीओ मिलकर ड्रोन-रोधी स्वदेशी तकनीक विकसित करने पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह सामने आएगी।
-अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री
लोंगेवाला के वीर से मुलाकात
गृहमंत्री ने 1971 में लोंगेवाला में हुए भारत-पाकिस्तान के ऐतिहासिक युद्ध के सैनिक भैरों सिंह राठौड़ से मुलाकात की। उन्होंने युद्ध नायक राठौड़ से मुलाकात को अपना सौभाग्य बताया और कहा कि उनके साहस व मातृभूमि के प्रति प्रेम ने इतिहास रचा है। यह देशवासियों के हृदय में असीम श्रद्धा जगाता है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह भी इस दौरान मौजूद थे। हिंदी फिल्म बॉर्डर में अभिनेता सुनील शेट्टी ने भैरों सिंह का किरदार निभाया था।
सीमा पर सड़क निर्माण का बजट बढ़ाया
शाह ने बताया, सीमा सुरक्षा के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा जरूरी है, इसे समझते हुए सरकार ने सीमा पर सड़क निर्माण के लिए 2014 से 2020 में बजट को बढ़ाकर 44,600 करोड़ रुपए किया। 2008 से 2014 में यह 23,700 करोड़ रुपए था। 2007 से 2020 के दौरान भारत ने 14,450 किमी लंबी सड़कें सीमा पर बनाई, इनमें 7,270 किमी में पुल हैं।