केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिजली मंत्री आरके सिंह, कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मंगलवार को एक बैठक की है। यह बैठक पूरे देश में कोयले की कमी की वजह से बिजली संकट की आशंका को लेकर चल रही रिपोर्ट्स के बीच हुई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, गर्मी शुरू होने के साथ ही देश के बिजली संयंत्रों में कोयला भंडार नौ साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। कोरोना लॉकडाउन के बाद पटरी पर लौट रही औद्योगिक गतिविधियों के चलते फैक्टरियों और उद्योगों में बिजली की खपत बढ़ी है।
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, बिजली की मांग तेजी से चढ़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर एवं मध्य भारत के अधिकतर इलाके में अप्रैल में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने वाला है। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ना तय है। देश के कई हिस्सों में तो बिजली की कटौती शुरू भी हो चुकी है।
अनपरा परियोजना में सड़क मार्ग से बढ़ाई गई कोयले की आपूर्ति
कोयले के संकट से जूझ रही राज्य उत्पादन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में सड़क मार्ग से कोयला आपूर्ति बढ़ा दी गई है। परियोजना को सड़क मार्ग से करीब एक लाख एमटी कोयला दिया जाएगा। रोजाना चार-पांच हजार एमटी की आपूर्ति होगी। इससे स्टॉक में रखे कोयले की खपत कम होगी और परियोजना को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कोल खदान के मुहाने पर स्थित सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में रोजाना 40 हजार एमटी कोयले की जरूरत है जबकि इसे एमजीआर (मेरी गो राउंड) से महज 30-32 हजार एमटी कोयला ही मिल पा रहा है। शेष कोयला परियोजना अपने स्टॉक से ले रही है। इससे संकट बढ़ रहा है।
रेल रैक से आपूर्ति शुरू नहीं हो पाने पर अब सड़क मार्ग से कोयले की आपूर्ति की जाने लगी है। करीब एक लाख एमटी कोयला सड़क मार्ग से पहुंचाया जाएगा। इसमें रोजाना 5 हजार एमटी कोयला शामिल है। माना जा रहा है कि इससे परियोजना को स्टॉक से कोयला निकालना कम होगा।
स्टॉक में मौजूद है 2.70 एमटी कोयला
बिजली की घटती बढ़ती मांगों के बीच परियोजना के स्टॉक में रखे कोयले में भी घटत बढ़त का क्रम जारी है। पिछले सप्ताह के सोमवार को 3.25 एमटी बचा कोयले का स्टॉक एक सप्ताह में 55 हजार एमटी कम हो गया। मंगलवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार अब परियोजना में कोयले का स्टॉक 2.70 एमटी बचा हुआ है।