केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज गुजरात दौरे पर हैं। यहां के अमरेली में शाह ने जला सहकारिता सम्मेलन में शिरकत की। इस दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। गृहमंत्री ने सोमनाथ में भगवान हनुमान की 16 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण भी किया।
गौरतलब है कि गुजरात में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में पार्टियों ने राज्य में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कार्यक्रम के मुताबिक, शाह अमरेली के बाद सोमनाथ जिले में जाएंगे, जहां वह सोमनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वह भगवान हनुमान की 16 फुट ऊंची मूर्ति का अनावरण भी करेंगे। इसके अलावा वह अरब सागर के तट के समीप ‘मारुती हाट’ नामक 262 दुकानों का उद्घाटन करेंगे।
पैक्स को लेकर शाह ने की बड़ी बात
- इस बीच केंद्र सरकार ने प्राथमिक कृषि साख सोसाइटी (पैक्स) को बहुउद्देश्यीय बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए आदर्श उपसंहिता भी तैयार है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सात सहकारी संस्थाओं की वार्षिक आम बैठक में कहा कि सरकार बीज संवर्धन और मार्केटिंग के साथ-साथ जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिए एक बहु-राज्य सहकारी समिति बनाने की भी योजना बना रही है।
- उन्होंने कहा कि सेवा सहकारी मंडली (पैक्स) को मार्केटिंग, गोदामों, गोबर गैस बनाने, बिजली बिल संग्रह, गैस वितरण एजेंसियों के लिए सुविधा, नल से जल योजना आदि सुविधाओं के साथ बहुउद्देशीय बनाया जाएगा। इस बहुउद्देशीय मंडली के लिए मॉडल उपसंहिता तैयार है। यह आपको सितंबर के अंत से पहले भेज दी जाएगी। हमारा मकसद अगले पांच वर्षों में पैक्स की संख्या मौजूदा 65,000 से बढ़ाकर तीन लाख करना है। प्रत्येक पंचायत के लिए एक पैक्स होगा।
बीमा कानून में बदलाव करने की तैयारी में सरकार
- इस बीच देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों की बीमा की सुविधा तक पहुंच को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्रालय बीमा कंपनी शुरू करने के लिए आवश्यक न्यूनतम पूंजी को कम करने पर विचार कर रहा है। 2019-20 में भारत में बीमा की पहुंच 3.76 प्रतिशत से 2020-21 में बढ़कर 4.20 प्रतिशत हो चुकी है। इस बढ़त को वर्ष के दौरान बीमा प्रीमियम के जीडीपी के प्रतिशत के रूप में मापा गया है। कोविड-19 के प्रकोप के कारण लोगों में बीमा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
- सरकारी सूत्र के अनुसार, बीमा क्षेत्र में विस्तार के लिए मंत्रालय बीमा अधिनियम, 1938 की व्यापक समीक्षा कर रहा है। अभी बीमा व्यवसाय स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की न्यूनतम पूंजी आवश्यकता होती है। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय इस पूंजी को कम करने के प्रावधानों पर विचार कर रहा है। पूंजी बाध्यता की शर्त को आसान करने से बैंकिंग क्षेत्र में बीमा क्षेत्र में कंपनियों का प्रवेश सहज हो जाएगा। इससे ऐसी कंपनियां भी बीमा क्षेत्र में प्रवेश कर पाएंगी जो माइक्रो इंश्योरेंस, कृषि बीमा या क्षेत्र आधारित बीमा उद्देश्यों के साथ काम पर पाएंगी।