केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा मेरा स्पष्ट मानना है कि आतंकवाद लोकतंत्र, मानव अधिकार, आर्थिक प्रगति और विश्व शांति के खिलाफ नासूर है, जिसे हमें जीतने नहीं देना है।कोई भी एक देश या संगठन आतंकवाद को अकेला नहीं हरा सकता।
तीसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 'नो मनी फॉर टेरर' के समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बढ़ते आतंकवाद को लोकतंत्र, मानवाधिकार, आर्थिक प्रगति और विश्व शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि हमें हर हाल में इस खतरे से पार पाना होगा। समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए हमारा दृष्टिकोण 5 स्तंभों पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने इस दौरान भारत सरकार द्वारा पीएफआई पर लगाए गए बैन का भी जिक्र किया।
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उन्होंने आगे कहा कि मेरा स्पष्ट मानना है कि आतंकवाद लोकतंत्र, मानव अधिकार, आर्थिक प्रगति और विश्व शांति के खिलाफ नासूर है, जिसे हमें जीतने नहीं देना है।कोई भी एक देश या संगठन आतंकवाद को अकेला नहीं हरा सकता। मेरा मानना है कि मेरा मानना है कि हर देश को ऐसी आतंक फैलाने वाली संस्थाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
आतंक के खिलाफ भारत की कार्रवाई के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि अभी हाल में ही सामाजिक गतिविधि की आड़ में युवाओं को कट्टरपंथ बनाकर और उन्हें आतंक की तरफ धकेलने की साजिश करने वाली एक संस्था को बैन किया है। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने आतंक को अपनी राष्ट्रनीति बना लिया है।