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राजनीति: हिमाचल चुनाव का इतिहास, 70 साल में किसकी-किसकी सरकार, किसने सबसे लंबे समय तक किया राज?

Sat, 12 Nov 2022 05:46 AM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हिमाचल प्रदेश को अब तक प्रदेश के छह अलग-अलग मुख्यमंत्री मिल चुके हैं। आज हम आपको प्रदेश में चुनाव का पूरा इतिहास बताएंगे। कब-कब चुनाव हुए और किस पार्टी ने जीत हासिल की? कौन सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा? आइए जानते हैं...
 
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हिमाचल प्रदेश चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों पर कुल 412 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सरकार बनाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को 35 सीटों की जरूरत होगी। 2017 में भारतीय जनता पार्टी 44 सीटों पर जीत हासिल करके सत्ता में आई थी। वहीं, कांग्रेस 21 सीटें हासिल करके विपक्ष में बैठी थी। इनके अलावा एक सीट सीपीएम और दो सीटें अन्य के खाते में गई थीं। 
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हिमाचल प्रदेश को अब तक छह अलग-अलग मुख्यमंत्री मिल चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा कांग्रेस ने सूबे पर राज किया। आज हम आपको प्रदेश में चुनाव का पूरा इतिहास बता रहे हैं। राज्य में कब-कब चुनाव हुए और किस पार्टी ने जीत हासिल की? कौन सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहा? आइए जानते हैं...
 

1952 में हुए थे पहले चुनाव 
आजादी के बाद 15 अप्रैल 1948 की हिमाचल प्रदेश चीफ कमिश्नर के राज्यों के रूप में अस्तित्व में आया। 26 जनवरी 1950 को जब देश गणतंत्र बना तब हिमाचल प्रदेश को 'ग' श्रेणी के राज्य का दर्जा मिला। 1952 में राज्य में पहली बार चुनाव हुए। 

तब सूबे में 36 विधानसभा सीटें थीं। मैदान में कांग्रेस के अलावा किसान मजदूर प्रजा पार्टी, शेड्यूल कास्ट फेडरेशन के उम्मीदवार खड़े थे। कांग्रेस ने 35 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। उसे 24 सीट पर जीत मिली। किसान मजदूर पार्टी के 22 प्रत्याशी मैदान में थे और तीन विधायक चुने गए। शेड्यूल कास्ट फेडरेशन के एक और आठ निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। कांग्रेस के यशवंत सिंह परमार हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। 1956 तक यानी चार साल 237 दिन उन्होंने सूबे की कमान संभाली।



इसके बाद विधानसभा भंग करके हिमाचल प्रदेश को केंद्र शासित राज्य बना दिया गया। ये दर्जा 1963 तक रहा। बाद में फिर इसे विधानसभा के साथ केंद्र शासित राज्य का दर्जा मिला। तब पहले केंद्र शासित राज्य में भी यशवंत सिंह परमार ही मुख्यमंत्री बने। उन्होंने एक जुलाई 1963 से चार मार्च 1967 तक केंद्र शासित राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 

1967 में 60 विधानसभा क्षेत्रों वाली विधानसभा में चुनाव हुआ। सरकार बनाने के लिए 31 सीटों की जरूरत थी। कांग्रेस ने 34 सीटों पर जीत हासिल की। भारतीय जनसंघ ने हिमाचल में पहली बार चुनाव लड़ा और सात पर विजय मिली। दो सीटें कम्युनिस्ट पार्टी के खाते में गए, जबकि स्वतंत्र पार्टी का एक उम्मीदवार चुनाव जीत गया। 16 निर्दलीय प्रत्याशी विधायक चुने गए थे। यशवंत सिंह परमार तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। परमार 1977 तक इस पद पर रहे। 

इस बीच, 1971 में हिमाचल प्रदेश को वापस पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। इसके बाद 1972 में हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली। 1972 में 68 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस के 53 प्रत्याशी जीते। भारतीय जनसंघ के पांच, लोकराज पार्टी हिमाचल प्रदेश के दो, सीपीआई (एम) के एक और सात निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल की। 
 

कब-कब चुनाव हुए और किस पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं? 
चुनाव कांग्रेस भाजपा
1952 24
1967  34  भारतीय जनसंघ (07)
1972  53  भारतीय जनसंघ (05)
1977 09  जनता पार्टी (53)
1982  31 29 (भाजपा ने पहली बार चुनाव लड़ा)
1985 58 07
1990  09 46
1993 52 08
1998 31  31
2003 43  16
2007 23 41
2012 36 26
2017 21 44

जब चुनाव हो गया था टाई, भाजपा और कांग्रेस दोनों को मिली थीं 31-31 सीटें
हिमाचल प्रदेश में 1998 का चुनाव काफी रोचक हो गया था। तब 68 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच टाई की स्थिति हो गई। दोनों ही पार्टियों ने 31-31 सीटों पर जीत हासिल की। मतलब दोनों को ही बहुमत हासिल नहीं हो पाया था। बहुमत के लिए 35 सीटों की जरूरत थी। हालांकि, तब भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने में कामयाब हुई थी। भाजपा ने हिमाचल विकास कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया। हिमाचल विकास कांग्रेस के पांच विधायकों के बल पर प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बन गए। हिमाचल प्रदेश में भाजपा पहली बार 1982 में चुनाव लड़ी थी। तब पार्टी के 29 विधायक चुने गए थे। इससे पहले 1967 और 1972 में भारतीय जनसंघ, जबकि 1977 में जनता पार्टी ने कांग्रेस को टक्कर दी थी। 
 

किसने कब-कब संभाली सूबे की कमान? 
मुख्यमंत्री कब से कब तक? पार्टी
यशवंत सिंह परमार 8 मार्च 1952 से 31 अक्तूबर 1956 कांग्रेस
यशवंत सिंह परमार 01 जुलाई 1963 से 28 जनवरी 1977 कांग्रेस
ठाकुर रामलाल 28 जनवरी 1977 से 30 अप्रैल 1977 कांग्रेस
राष्ट्रपति शासन 30 अप्रैल 1977 से 22 जून 1977  
शांता कुमार   22 जून 1977 से 14 फरवरी 1980 जनता पार्टी
ठाकुर रामलाल 14 फरवरी 1980 से 07 अप्रैल 1983   कांग्रेस
वीर भद्र सिंह 08 अप्रैल 1983 से 05 मार्च 1990 कांग्रेस
शांता कुमार   05 मार्च 1990 से 15 दिसंबर 1992 भाजपा
राष्ट्रपति शासन 15 दिसंबर 1992 से 03 दिसंबर 1993   
वीर भद्र सिंह 03 दिसंबर 1993 से 23 मार्च 1998 कांग्रेस
प्रेम कुमार धूमल   24 मार्च 1998 से 05 मार्च 2003 भाजपा
वीर भद्र सिंह 06 मार्च 2003 से 30 दिसंबर 2007 कांग्रेस
प्रेम कुमार धूमल 30 दिसंबर 2007 से 25 दिसंबर 2012 भाजपा
वीर भद्र सिंह   25 दिसंबर 2012 से 27 दिसंबर 2017 कांग्रेस
जयराम ठाकुर 27 दिसंबर 2017 से अब तक     भाजपा
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वीरभद्र सबसे लंबे समय तक सीएम रहे, परमार दूसरे नंबर पर
हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा कांग्रेस का ही राज रहा है। इसमें सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड वीर भद्र सिंह के नाम दर्ज है। वीर भद्र सिंह 21 साल से ज्यादा समय तक सूबे के मुख्यमंत्री रहे। उन्हें पांच बार हिमाचल प्रदेश के मुखिया बनने का मौका मिला। इसके पहले कांग्रेस के यशवंत सिंह परमार 18 साल से अधिक समय तक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।  वीरभद्र सिंह की तरह ही यशवंत सिंह भी पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। इन दोनों के अलावा ठाकुर राम लाल तीन बार, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल ने दो-दो बार राज्य की कमान संभाली। इसके अलावा दो बार राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लगा।
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