गोवा में गत 10 वर्षों से होने वाले अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के कारण देश में हिन्दू राष्ट्र की चर्चा प्रारंभ हुई। उसके बाद हिन्दू राष्ट्र का ध्येय सामने रखकर विविध क्षेत्रों में कार्य करना शुरू किया गया। नुपूर शर्मा भाजपा की प्रवक्ता थीं, तब उन्होंने इस्लाम के संदर्भ में एक टिप्पणी की। उस पर विश्व के कई इस्लामिक राष्ट्र एकत्रित भारत का विरोध कर रहे हैं। अल कायदा ने तो सीधे भारत पर आक्रमण की धमकी दी है।
वहीं, शिवलिंग के बारे में अभद्र बान दिए गए। हिन्दुओं की धर्म भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध कोई भी विरोध प्रकट करते हुए दिखाई नहीं देता। इससे ध्यान में आता है कि विश्व में एक तो हिन्दुओं का राष्ट्र होना क्यों आवश्यक है? हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य को गति देने के लिए इस साल 12 से 18 जून तक ‘श्री रामनाथ देवस्थान’, फोंडा, गोवा में दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ आयोजित किया जा रहा है।
यह जानकारी जानकारी हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने पत्रकार परिषद में दी। पणजी गोवा में आयोजित पत्रकार परिषद में ‘भारत माता की जय संगठन’ के गोवा राज्य संघचालक सुभाष वेलिंगकर, हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे और सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस यह उपस्थित थे।
सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी ने कहा कि इस 10वें अधिवेशन में हिन्दू राष्ट्र की कार्यपद्धति अंकित करने का प्रयत्न किया जाने वाला है। ‘हिन्दू राष्ट्र में आदर्श राजव्यवहार कैसा होना चाहिए ? इस संबंध में दिशादर्शन करने के लिए इस वर्ष के अधिवेशन में ‘हिन्दू राष्ट्र संसद’ का विशिष्ट आयोजन किया गया है। अधिवेशन के तीन दिन ‘हिन्दू राष्ट्र संसद’ ली जाएगी। उसमें हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए संसदीय और संवैधानिक मार्ग, मंदिरों का उचित प्रबंधन और हिन्दू शैक्षणिक नीतियों का अवलंबन कैसा करना चाहिए ? इन विषयों पर विशेषज्ञ मान्यवरों द्वारा विस्तृत चर्चा होने वाली है।
‘भारत माता की जय’ संगठन के गोवा राज्य संघचालक सुभाष वेलिंगकर कहा कि वर्तमान में देश में सर्वत्र हिन्दुओं के मन में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई है। दि कश्मीर फाइल्स के पश्चात देशभर में अनेक स्थानों पर हिंसा की घटनाएं देखने को मिली। गोवा में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो रही है। इन घटनाओं के पीछे ‘पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ जैसे कट्टरपंथी संगठन का हाथ है, यह उजागर हुआ है। यह संगठन गोवा में भी सक्रिय हो गया है। इसलिए हमने ‘हिन्दू रक्षा महाआघाड़ी’ का अभिनव प्रयोग किया है। गोवा इनक्वीजिशन के माध्यम से पूर्व में जिस प्रकार हिन्दुओं को प्रताड़ित किया गया था, उस प्रकार फिर न हो, इसके लिए हम प्रयासरत हैं।
सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस ने कहा कि केंद्र में तथा अनेक राज्यों में हिन्दुत्वनिष्ठ दल की सरकार आने के कारण राममंदिर निर्माण, लव जिहाद और धर्मांतरण के विरोध में कानून लागू होना और अनुच्छेद 370 हटाना आदि सकारात्मक कार्य हुआ है, तथापि काशी-मथुरा सहित हिन्दुओं के अनेक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की मुक्ति होना शेष है। ओवैसी कह रहे हैं कि ज्ञानवापी मस्जिद नहीं लेने देंगे। मिशनरियों द्वारा बलपूर्वक धर्मांतरण कराया जा रहा है। कश्मीरी हिन्दुओं पर हमले आज भी नहीं रुके हैं। हिन्दू पलायन कर रहे हैं। इसलिए हिन्दुओं को संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित होना आवश्यक हो गया है। हिन्दुओं के व्यापक संगठन के लिए यह अधिवेशन दिशादर्शक सिद्ध होगा।
इस समय हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा कि इस अधिवेशन में अमेरिका, इंग्लैंड, हांगकांग, सिंगापुर, फिजी, नेपाल आदि देशों सहित भारत के 26 राज्यों के 350 से अधिक हिन्दू संगठनों के 1000 से अधिक प्रतिनिधियों को निमंत्रित किया गया है। इस अधिवेशन में प्रमुखता से ‘काशी की ज्ञानवापी मस्जिद’, ‘मथुरा मुक्ति आंदोलन’, ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’, ‘कश्मीरी हिन्दुओं पर हमला’, ‘मस्जिदों पर लगे भोंपुओं का ध्वनि प्रदूषण’, ‘हिजाब आंदोलन’, ‘हलाल सर्टिफिकेट-एक आर्थिक जिहाद’, ‘हिन्दुओं की सुरक्षा’, ‘मंदिर-संस्कृति-इतिहास की रक्षा’, ‘धर्मांतरण’, ‘गढ़-किलों पर इस्लामी अतिक्रमण’ आदि विविध विषयों पर चर्चा की जाने वाली है।
इस अधिवेशन में प्रमुखता से ‘सीबीआई’ के भूतपूर्व संचालक नागेश्वर राव, काशी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के विरुद्ध न्यायालयीन संघर्ष करने वाले अधिवक्ता (पू.) हरिशंकर जैन और उनके सुपुत्र ‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, भाजपा के तेलंगाना के प्रख्यात विधायक टी. राजासिंह, ‘पनून काश्मीर’ के राहुल कौल, अरुणाचल प्रदेश के कुरु थाई, ‘भारत रक्षा मंच’ के राष्ट्रीय सचिव अनिल धीर सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता, उद्योगपति, विचारक, लेखक, पत्रकार, मंदिर न्यासी तथा अनेक समवैचारिक सामाजिक, राष्ट्रीय और आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहने वाले हैं। ‘भारत सेवाश्रम संघ’ के स्वामी सयुंक्तानंदजी महाराज, ‘इंटरनेशनल वेदांत सोसायटी’ के स्वामी निर्गुणानंदगिरीजी महाराज आदी संतों की वंदनीय उपस्थिति भी इस अधिवेशन को मिलने वाली है।
इस अधिवेशन को अभी तक देशभर के 58 से अधिक हिन्दू संगठन, संप्रदाय, विश्वविद्यालय, अधिवक्ता संगठन, पत्रकार, उद्योगपति आदि ने समर्थन पत्र दिए हैं। 10वें ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ का सीधा प्रक्षेपण हिन्दू जनजागृति समिति के जालस्थल द्वारा तथा समिति के ‘HinduJagruti’ ‘यू-ट्यूब’ चैनल के द्वारा भी किया जाने वाला है।