बसपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधु हिमांशी कश्यप की मौत के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला की बेलेस्टिक यूनिट में परीक्षण शुरू हो गया है। छह अप्रैल को गाजियाबाद स्थित ससुराल में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि गुत्थी सुलझने में ज्यादा से ज्यादा सात दिन लगेंगे।
हाईप्रोफाइल केस में क्राइम सीन री-क्रिएशन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट एनलाइसिस पहले ही हो चुका है। अब उस लाइसेंसी रिवाल्वर का परीक्षण किया जाना शेष है जिससे चली गोली ने हिमांशी की जान ली थी। हिमांशी की शादी नरेंद्र कश्यप के बेटे सागर से हुई थी। वह बदायूं के बसपा नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री हीरालाल कश्यप की बेटी थी।
छह अप्रैल को ससुराल में कमरे से अटैच बाथरूम में उसका लहुलुहान शव मिला था। पास में उसके पति सागर कश्यप का लाइसेंसी रिवाल्वर पड़ा था। नरेंद्र कश्यप का कहना था कि हिमांशी ने सुसाइड किया है जबकि हीरालाल कश्यप ने दहेज के लिए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें नरेंद्र कश्यप, उनकी पत्नी देवेन्द्री, दोनों बेटे सागर और सिद्धार्थ, बेटी सरिता और शोभा नामजद हैं।
पुलिस ने हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद सात अप्रैल को नरेंद्र कश्यप, देवेंद्री और सागर को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों जेल में हैं। पुलिस पर यह स्पष्ट करने का भारी दबाव है कि हिमांशी को मारा गया या उसने सुसाइड किया। इसके चलते गाजियाबाद के एसएसपी विधि विज्ञान प्रयोगशाला में पैरवी कर रहे हैं। उनकी संस्तुति पर लखनऊ प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. श्याम बिहारी उपाध्याय के नेतृत्व में आगरा के वैज्ञानिकों की टीम गाजियाबाद में क्राइम सीन का री-क्रिएशन करके आ चुकी है। अब सागर के रिवाल्वर का परीक्षण किया जा रहा है।