नोटबंदी के बाद से कैश को लेकर समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। कई जगहों पर बैंकों के एटीएम अब भी बंद पड़े हैं। जो चल भी रहे हैं, उनमें ज्यादार 2000 रुये के नोट निकल रहे हैं। भारत सरकार ने 500 रुपये का नया नोट भी जारी किया है, लेकिन वे जनता को कम ही उपलब्ध हो रहे हैं। वहीं, 2000 के नोट का गुलाबी रंग और 500 रुपये का अमेरिकी डॉलर की तरह दिखना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर इस सबके पीछे क्या वजह है, इसका जवाब भारतीय रिजर्व बैंक ने दिया है।
आरबीआई के मुताबिक नए नोटों की छपाई चार जगहों से हो रही है। 2000 रुपये के नोट मैसूर स्थित सरकारी प्रेस हो छप रहे हैं तो वहीं 500 रुपये के नोट सरकार के स्वामित्व वाली नासिक और देवास की प्रिंटिंग प्रेस से छप रहे हैं।
वहीं, आरबीआई द्वारा चलित चौथी प्रिंटिंग प्रेस, जोकि पश्चिम बंगाल के सालबोनी में है, उससे 100 रुपये के नोट छापे जा रहे हैं। यही वजह है कि नोटों के रंग और आकार में इस तरह के अंतर दिखाई दे रहे हैं।