मध्य प्रदेश में मॉनसून पूरे शबाब पर है। मौसम विभाग ने 32 जिलों में अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश का बड़ा इलाका पहले से ही बाढ़ की चपेट में है। राजधानी भोपाल, सीहोर, मंडला, नरसिंहपुर और जबलपुर सहित 11 जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ियों में छुटटी की गई। इन शहरों की कई निचली बस्तियां पानी में डूबी हैं। पुलों-पुलियों पर कई फीट पानी बह रहा है। कई गांवों और शहरों का सड़क संपर्क टूट गया है।
महाराष्ट्र में सांगली जिले में कृष्णा और वरुणा नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। नासिक में गोदावरी नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है। आंध्र प्रदेश प्रशासन गोदावरी नदी पर बने चार बांधों में पानी के बढ़े स्तर को देखकर प्रथम श्रेणी की बाढ़ आने की चेतावनी जारी कर चुका है।
निजी मौसम एजेंसी स्काई मेट के अनुसार एक जून से आठ सितंबर के बीच सामान्य बारिश 764.5 मिमी होती है जबकि इस साल यह 782 मिमी पर पहुंच गई है। मध्य भारत में 19 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।