पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही तीखी जुबानी जंग के कारण एक नया मुद्दा सामने आ गया है। यह मामला कनकपुरा के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। दरअसल, विवाद यह है कि कनकपुरा को रामनगर जिले का हिस्सा रहना चाहिए या राज्य की राजधानी बंगलूरू में शामिल किया जाना चाहिए।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में घोषणा की थी कि कनकपुरा भविष्य में बंगलूरू का हिस्सा होगा। इसी के बाद विवाद खड़ा हो गया।
शिवकुमार के फैसले को मानने से इनकार
अपनी संपत्ति न बेचें...
कनकपुरा के पास शिवनहल्ली में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने लोगों से अनुरोध किया कि वे बंगलूरू के लोगों को जमीन न बेचें। उन्होंने कहा, 'आप रामनगर जिले से ताल्लुक नहीं रखते। आप बंगलूरू से हैं। इस बात का ध्यान रखें। मैं शिवनहल्ली के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे अपनी संपत्ति बंगलूरू के लोगों को न बेचें। मैं सभी को घर नहीं दे सकता, लेकिन भगवान ने मुझे आपकी संपत्ति के मूल्य को दस गुना बढ़ाने की ताकत दी है।’
अपनी संपत्ति बढ़ा रहे शिवकुमार: कुमारस्वामी
डीके शिवकुमार की योजना की कुमारस्वामी ने कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने उन पर कनकपुरा के आसपास संपत्ति मूल्यों को बढ़ावा देने और अपनी संपत्ति को बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इस पर शिवकुमार ने पटलवार किया था। उन्होंने कहा कि उनका प्रस्ताव सही है और कुमारस्वामी पर बदनाम करने का आरोप लगाया था।
साल 2007 में बना था कनकपुरा का हिस्सा
कनकपुरा के अधिकार क्षेत्र को लेकर दोनों में विवाद जारी है। दोनों पक्षों की मजबूत राय है। बंगलूरू से करीब 55 किलोमीटर दूर कनकपुरा वर्तमान में रामनगर जिले के अंतर्गत आता है। इसे साल 2007 में जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने रामनगर में शामिल किया था। इससे पहले कनकपुरा बंगलूरू ग्रामीण जिले के अंतर्गत था।