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HMPV: भारत में पैर पसार रहा चीनी वायरस, एक हफ्ते के भीतर गुजरात में चार मामले; अब नौ महीने का बच्चा संक्रमित

Sat, 11 Jan 2025 05:49 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीन से निकले नए वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के मामले धीरे-धीरे भारत में बढ़ने लगे हैं। देश में अब तक कुल 13 लोगों में इस नए वायरस की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें सबसे नया मामला गुजरात से सामने आया है, जहां एक नौ महीने की बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई हैं।
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ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस अपडेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत में नए वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। देश में इसकी संख्या 13 तक पहुंच गई है, वहीं गुजरात में सबसे ज्यादा चार केस की पुष्टि हो चुकी है। इसमें तीन मामले राजधानी अहमदाबाद में सामने आए हैं। इसमे दो नवजात हैं, जिनकी उम्र एक साल से भी कम है। वहीं, संक्रमण का एक मामला 80 वर्षीय बुजुर्ग में भी पाया गया है। अस्थमा से पीड़ित इस मरीज का फिलहाल एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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नौ महीने के बच्चे में संक्रमण की पुष्टि
सबसे नया केस सबरकांठा से सामने आया है, जहां एक नौ महीने के बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई है। ये सभी मामले एक हफ्ते से भी कम समय में सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, 6 जनवरी को बच्चे को सर्दी, खांसी और सांस लेने में तकलीफ के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अहमदाबाद नगर निगम ने कहा कि बच्चे का विदेश या अन्य यात्रा का कोई इतिहास नहीं है।

6 जनवरी को दर्ज किया गया पहला केस
गुजरात में एचएमपीवी का पहला मामला 6 जनवरी को दर्ज किया गया था, जब राजस्थान के दो महीने के एक बच्चे में वायरल बीमारी पाई गई थी, जिसमें बुखार, नाक बंद होना, नाक बहना और खांसी जैसे लक्षण थे। यहां एक अस्पताल में इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। बच्चे के संक्रमण के साथ, राज्य में 6 जनवरी से अब तक एचएमपीवी के चार मामले सामने आ चुके हैं।
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जानें कैसे फैलता है एचएमपीवी?
2001 में खोजा गया एचएमपीवी पैरामिक्सोविरिडे परिवार से संबंधित है। यह रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस से बहुत करीब से संबंधित है। यह खांसने या छींकने से निकलने वाली सांस की बूंदों के साथ-साथ दूषित सतहों को छूने या संक्रमित व्यक्तियों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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