प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। इसके भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भक्तों का जमावड़ा भी लगने लगा है। इन सबके बीच यह दावा किया गया कि कुंभ के आयोजन के लिए वक्फ की 55 बीघा जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने भी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने मुस्लिम नेताओं के अलग-अलग बयानों के परिपेक्ष्य में कहा कि वक्फ बोर्ड को भूमाफिया बोर्ड न बनाएं। इस हफ्ते ‘खबरों के खिलाड़ी’ में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर, अवधेश कुमार, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और अनुराग वर्मा मौजूद रहे।
अवधेश कुमार: महाकुंभ मनुष्य के ज्ञात इतिहास में सबसे पुरातन और जीवंत परंपरा है। इसका विवरण सभी प्राचीन ग्रंथों में तब से है जब धरती पर इस्लाम आया भी नहीं होगा। इस तरह के दावों को गहराई से देखने की जरूरत है। योगी आदित्यनाथ जो कहा है कि ये वक्फ बोर्ड है या भूमाफियाओं का बोर्ड है। ये बिलकुल सही कहा है। जो लोग देश के कानून और परंपरा को ताक पर रखकर इस तरह से पेश आते हैं उन सभी से सरकार सही तरीके से पेश आएगी। इस तरह की बात करने वालों को अब तक कानून के कठघरे में खड़ा कर देना चाहिए था।
समीर चौगांवकर: इसी वजह से सरकार वक्फ बिल लेकर आ रही है। अभी तो यह जेपीसी में चला गया है। मुझे लग रहा है कि जल्द ही वो बिल आएगा और सरकार भूमाफियाओं के कब्जे से जमीनों को लेने की शुरुआत कर देगी। कुंभ को लेकर जिस तरह से विवादित बयान दिया गया है। मुझे लगता है कि उसे लेकर योगी आदित्यनाथ ने समुचित जवाब दे दिया है। उन्होंने अपने बयान से संदेश साफ कर दिया है। यह एक अद्भुत आयोजन है। इसे दुनिया के लोग देखने आएंगे। इसका स्वागत होना चाहिए। मुझे लगता है कि कुछ विघ्न संतोषी लोगों इसमें अपना स्वार्थ देखने की कोशिश कर रहे हैं। इस बयान को तूल नहीं देना चाहिए।
अनुराग वर्मा: हमारे पुराणों में लिखा है कि जब भी इस तरह के आयोजन, यज्ञ, हवन होते थे तो राक्षस आकर उसमें विघ्न डालने की कोशिश करते थे। इसको उस चश्मे से देखें तो ज्यादा बेहतर रहेगा। दूसरी चीज आती है कि आखिर ऐसे समय पर कोई व्यक्ति ऐसा क्यों कर रहा है। अगर आप देखेंगे तो सोशल मीडिया के आने के बाद से नेता बनने और मशहूर होने का एक चस्का लगा है। इस चस्के ने सारी मर्यादाएं, सारी सीमाएं तोड़ दी हैं।
राकेश शुक्ल: बहुसंख्यक मुस्लिम समाज को इससे कोई लेना-देना नहीं है। पिछले 10 से 15 साल में वक्फ की संपत्ति का आंकलन करें और सच्चर कमेटी की रिपोर्ट देखें तो वो कहती है कि देश का मुस्लिम बहुत गरीब है। और वक्फ बोर्ड अमीर होता चला गया। ये विसंगति दूर करने का समय आ गया है। इसलिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां वक्फ बोर्ड ने सबसे ज्यादा सरकारी तरीके से अतिक्रमण किया है।
पूर्णिमा त्रिपाठी: वक्फ बोर्ड ने जो दावा करता है तो यह सरकार की जिम्मेदारी है को वो गजट में जाकर देखे। जहां तक बयान की बात है तो अगर किसी ने इस तरह का बेतुका बयान दिया है तो सरकार को उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी। इस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?