आयुष्मान योजना : 1,114 अस्पतालों को पैनल से हटाया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के कार्यान्वयन में धोखाधड़ी करने वाले 1,114 अस्पतालों को पैनल से बाहर कर दिया गया है। वहीं, 1,504 दोषी अस्पतालों पर 122 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने और 549 अस्पतालों को निलंबित करने सहित जरूरी कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत 1 जनवरी तक 1.19 लाख करोड़ रुपये के खर्च से 8.59 करोड़ मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी गई है
भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी के मामले में हस्तक्षेप करे केंद्र : द्रमुक
द्रमुक सदस्यों ने श्रीलंकाई नौसेना की तरफ से तमिलनाडु के मछुआरों को गिरफ्तार करने का मुद्दा लोकसभा में उठाकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की। द्रमुक सदस्यों ने प्रश्नकाल के तुरंत बाद इस मुद्दे पर नारेबाजी की। पार्टी सांसद कनिमोझी ने दावा किया कि राज्य के मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा परेशान किया जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है तथा उनमें से 97 से अधिक मछुआरे पड़ोसी देश की जेलों में बंद हैं। मछुआरों के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया। द्रमुक, कांग्रेस और वाम दलों के सांसदों ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
राज्यसभा में सांसदों ने 50 निजी सदस्य विधेयक किए पेश
राज्यसभा में गैर-विधायी कामकाज के दौरान सदस्यों ने पॉक्सो कानून में संशोधन, एआई के उपयोग और इसके कार्यान्वयन को लेकर कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के अलावा ऑनलाइन हेटस्पीच, डीपफेक के बढ़ते खतरे जैसे मुद्दों पर करीब 50 निजी सदस्य विधेयक पेश किए। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और राजद के मनोज झा ने संसद के दोनों सदनों की निर्धारित संख्या में बैठकें अनिवार्य करने के लिए दो अलग-अलग विधेयक पेश किए। एनसीपी-एसपी की फौजिया खान ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण विधेयक 2025 पेश करते हुए कहा कि यह आज की जरूरत है।
देश में 2,450 बाल देखभाल गृह, 199 विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देशभर में 2,450 बाल देखभाल संस्थान (सीसीआई) हैं। इनमें से 199 विशेष जरूरतों वाले बच्चों की देखभाल के लिए हैं। लोकसभा में उन्होंने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए ऐसी कोई संस्था नहीं है। मिशन वात्सल्य के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 50 बच्चों की क्षमता वाले सीसीआई में विशेष आवश्यकता वाले 10 बच्चों के लिए एक विशेष इकाई हो सकती है। इसी प्रकार, 25 बच्चों की क्षमता वाले सीसीआई में पांच बच्चों के लिए एक विशेष इकाई हो सकती है।