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Maharashtra: शरद पवार ने की महाराष्ट्र बंद का आह्वान वापस लेने की अपील, कहा- न्यायपालिका का सम्मान करें

Fri, 23 Aug 2024 07:30 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra:  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बंद का आह्वान संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए किया गया था, लेकिन न्यायपालिका का भी सम्मान किया जाना चाहिए।
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बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को देखते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) द्वारा आहूत ‘महाराष्ट्र बंद’ को वापस लेने की शुक्रवार को अपील की। शनिवार (24 अगस्त) के बंद का आह्वान विपक्षी गठबंधन द्वारा किया गया था, जिसमें राकांपा (एसपी) भी एक घटक है। बंद का आह्वान ठाणे जिले के बदलापुर में एक स्कूल में चार वर्षीय दो बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में किया गया था।

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पवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बंद का आह्वान संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए किया गया था, लेकिन न्यायपालिका का भी सम्मान किया जाना चाहिए।

इससे पहले दिन में, बंबई उच्च न्यायालय ने राजनीतिक दलों या व्यक्तियों को महाराष्ट्र बंद का आह्वान करने से रोक दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति अमित बोरकर की खंडपीठ ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार बंद को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
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उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पवार ने कहा, ‘‘समय का अभाव होने के कारण उच्च न्यायालय के आदेश (बंद पर) के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करना संभव नहीं है। भारतीय न्यायपालिका एक संवैधानिक संस्था है और दिए गए आदेश के सम्मान में बंद का आह्वान वापस लिया जाना चाहिए।’’

राज्यसभा सदस्य पवार ने कहा कि बदलापुर स्कूल में हुई शर्मनाक घटना को लेकर जबरदस्त रोष है और लोगों के गुस्से की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बंद का आह्वान किया गया था।


मुंह पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे: पटोले 
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख पटोले ने महाराष्ट्र बंद पर कहा कि वह अदालत के आदेश का सम्मान करेंगे, लेकिन मुंह पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।

मुंबई पुलिस ने एमवीए नेताओं और कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे
मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने 24 अगस्त को होने वाले महाराष्ट्र बंद के संबंध में विपक्षी दलों के गठबंधन एमवीए के नेताओं व कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

एमवीए ने ठाणे जिले के बदलापुर के एक स्कूल में किंडरगार्टन (केजी) की दो छात्राओं के यौन उत्पीड़न के विरोध में शनिवार को राज्य में बंद का आह्वान किया है। एमवीए में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि शहर में कोई अप्रिय घटना न हो यह सुनिश्चित करने के लिए एमवीए के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को ये नोटिस भेजे गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि नोटिस में नेताओं और कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्वक बंद का पालन करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि नोटिस में कहा गया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति में बाधा डालने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अधिकारी ने कहा, "एमवीए के सभी सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं और हम अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था की गई है।"

अदालत के आदेश से सहमत नहीं हूं: उद्धव ठाकरे
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राजनीतिक दलों को बंद बुलाने से रोकने संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर असहमति जताई। साथ ही यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन एमवीए ने एक स्कूल में यौन शोषण मामले को लेकर शनिवार को महाराष्ट्र में प्रस्तावित बंद वापस ले लिया है।

ठाकरे ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महा विकास आघाडी (एमवीए) ने उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 24 अगस्त (शनिवार) का बंद वापस ले लिया है, लेकिन विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता पूरे राज्य में मुंह पर काली पट्टी बांधकर राज्य की महायुति सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। ठाकरे ने कहा, ‘‘हम बंद पर उच्च न्यायालय के आदेश से सहमत नहीं हैं।’’
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