कंपनी को मोबाइल टावर लगाने से रोकने के ग्रामपंचायत के निर्देश को किया रद्द
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ग्रामपंचायत द्वारा पारित उस प्रस्ताव को रद्द कर दिया, जिसमें ग्रामपंचायत ने पुणे की एक कंपनी को अपने मोबाइल टावर पर काम बंद करने का निर्देश दिया गया था। ग्रामपंचायत ने शिकायत दर्ज की थी मोबाइल टावरों से निकलने वाला विकिरण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और कैंसरकारी हो सकता है।
वहीं न्यायमूर्ति एसबी शुक्रे और न्यायमूर्ति राजेश पाटिल की खंडपीठ ने गुरुवार को अपने आदेश में पुणे स्थित इंडस टावर्स को सांगली जिले के खानापुर तालुका के चिखलहोल में एक मोबाइल टावर स्थापित करने की अनुमति दी। साथ ही कहा कि वैज्ञानिक तथ्यों के अभाव में टावरों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है।
फर्जी खबरों के खिलाफ फैक्ट चेक यूनिट को चार सितंबर तक नहीं करेंगे अधिसूचित
केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि वह सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ फर्जी सामग्री को चिह्नित करने के लिए ‘फैक्ट चेक यूनिट’ (एफसीयू) को चार सितंबर तक अधिसूचित नहीं करेगी। हाल ही में केंद्र ने संशोधित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के तहत एफसीयू स्थापित करने की घोषणा की थी। जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र के नियमों को सही ठहराने के लिए अदालत की ओर से निर्धारित पहले की तारीखों को स्थगित करने की मांग की। पीठ संशोधित आईटी नियमों को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजीन्स ने नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर असांविधानिक बताया। याचिकाओं पर अब 31 अगस्त और एक सितंबर को सुनवाई निर्धारित की।