नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित संतों के तीन दिवसीय धर्म संस्कृति महाकुंभ का समापन 'हिंदू बचाओ' के आह्वान के साथ संपन्न हुआ। संतों ने हिंदुओं से समुदाय को बचाने के लिए 10 बच्चे पैदा करने को कहा। इसके साथ ही धर्म संस्कृति महाकुंभ में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति के पक्ष में भी आवाज उठी।
विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गौ हत्या रोकने के लिए बना कानून भ्रांतियों से भरा हुआ है। तोगड़िया के साथ मंच साझा कर रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने भी इस मसले पर सहमति जताई।
धर्म संस्कृति महाकुंभ में वासुदेवानंद सरस्वती (ज्योर्ति मठ के शंकराचार्य के रूप में वासुदेवानंद सरस्वती के ओहदे को अदालत में चुनौती दी गई है) ने कहा कि हर हिंदू को कम से कम 10 बच्चे पैदा करने चाहिए। वासुदेवानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि गौ हत्या पर प्रतिबंध को लेकर तत्काल निर्णय लिया जाए, जैसाकि नोटबंदी को लेकर हुआ।
वासुदेवानंद ने कहा, 'दो बच्चे पैदा करने की नीति को खत्म किया जाए और इसकी जगह 10 बच्चों की नीति बनाई जााए। मैं इसे लेकर परेशान नहीं हूं कि उनकी रक्षा कौन करेगा। भगवान आपके बच्चों का ख्याल रखेंगे।'
उन्होंने कहा कि 'यह आवश्यक हो गया है कि हिंदुओं की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़ाई जाए। कुछ समय से शांत दिख रहे तोगड़िया अब लगातार हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों को जोर शोर से उठा रहे हैं।'
गौरतलब है कि इस महाकुंभ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस, असम के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित और शहर के मेयर प्रवीण दतके भी शामिल हुए।