लोकसभा चुनाव में भाजपा की कुछ सीटें कम हो जाने के बाद पार्टी के अंदर भी बड़े बदलाव की बातें चलने लगी थीं। कहा जा रहा था कि इसने आरएसएस और भाजपा के बीच दूरी को उघाड़कर सामने रख दिया था। इससे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी मोदी विरोधी खेमा मजबूत होकर प्रधानमंत्री पर हमला करने लगा था। यदि हरियाणा में भी भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ता तो इससे मोदी पर राजनीतिक हमलों की बाढ़ आ जाती। विपक्ष को इसे मोदी युग की समाप्ति के तौर पर ही पेश कर देता। लेकिन हरियाणा में मिली जीत ने सीधे तौर पर मोदी को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।
महाराष्ट्र-हरियाणा पर भी पड़ेगा असर
हरियाणा में भाजपा को मिली जीत का असर महाराष्ट्र और झारखंड में भी दिखाई देगा। हरियाणा में कांग्रेस ने जाट-दलित गठजोड़ की राजनीति की थी। उसका विश्वास था कि इन दो सामाजिक वर्गों का मजबूत साथ उसे जीत दिला सकता है। लेकिन चुनाव परिणाम बता रहे हैं कि कांग्रेस का दलित दांव हरियाणा में कारगर नहीं रहा है। अब भाजपा इसी फैक्टर को महाराष्ट्र और झारखंड में भुनाने की कोशिश करेगी। वह मोदी को दलितों और पिछड़ों की सबसे ज्यादा हितैषी के रूप में पेश करेगी और इससे भाजपा को ताकत मिल सकती है।
भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने अमर उजाला से कहा कि इन चुनाव परिणामों ने साबित कर दिया है कि इस देश में आज भी सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। विपक्ष के जिन लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता पर सवाल उठाए थे, आज वे मीडिया के सामने बोलने तक के लिए सामने नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हरियाणा में बड़ी जीत हासिल की है, जम्मू-कश्मीर में भी पार्टी को बढ़त मिली है जो हमारी नीतियों की सार्थकता को दिखाती है।