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Haryana Result: AAP से ओवैसी तक, सभी ने चलाए कांग्रेस पर तीर, कहा- अपने अहंकार की वजह से हरियाणा में हारे

Wed, 09 Oct 2024 06:05 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Haryana Result: हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी फिलहाल ईवीएम और चुनाव आयोग पर दोषारोपण कर रही है। वहीं तमाम राजनीतिक दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। इसमें विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल पार्टियां भी शामिल हैं।
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हरियाणा की हार पर सियासी तीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस पार्टी जहां उसे अस्वीकार्य और अप्रत्याशित बताकर ईवीएम और चुनाव आयोग पर आरोप मढ़ रही है। लेकिन अन्य राजनीतिक दलों की राय कांग्रेस पार्टी से काफी अलग है, इन राजनीतिक दलों वे भी दल शामिल हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन इंडिया में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। सभी का कहना है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपने अहंकार की वजह से हार गई।
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'हरियाणा में जम्मू-कश्मीर के तर्ज पर लड़ना चाहिए था'
कई राजनीति दलों का कहना है कि अगर जम्मू-कश्मीर के तर्ज पर कांग्रेस पार्टी हरियाणा में भी विपक्षी गठबंधन इंडिया के बैनर तले चुनाव लड़ती तो नतीजे अलग होते। राजनीतिक दलों का यहां तक दावा है कि अगर कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ती हरियाणा में विपक्षी गठबंधन इंडिया की सरकार बनती।

शिवसेना यूबीटी सांसद ने साधा निशाना
इस कड़ी में सबसे पहला नाम शिवसेना उद्धव गुट का है, बता दें कि शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने कहा कि विपक्षी गठबंधन हरियाणा में नहीं जीत पाया क्योंकि कांग्रेस को लगा कि वह अपने दम पर जीत सकते हैं और उन्हें सत्ता में किसी सहयोगी की जरूरत नहीं है। कांग्रेस नेता हुड्डा को लगा कि वे जीत जाएंगे। अगर उन्होंने समाजवादी पार्टी, आप या अन्य छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन किया होता तो नतीजा कुछ और होता। 
टीएमसी सांसद ने भी कांग्रेस पर किया पलटवार
विपक्षी गठबंधन इंडिया में कांग्रेस की सहयोगी टीएमसी ने भी कांग्रेस की आलोचना की है। टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने कांग्रेस का नाम लिए बिना आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि यह रवैया चुनाव में हार का कारण बना कि अगर हमें लगता है कि हम जीत रहे हैं तो हम किसी क्षेत्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे, लेकिन जिन राज्यों में हम पिछड़ रहे हैं, वहां क्षेत्रीय पार्टियों को हमें जगह देनी चाहिए।' गोखले ने लिखा कि अहंकार और क्षेत्रीय दलों को नीची निगाह से देखना आपदा का कारण बनता है। 
 

आप ने भी कांग्रेस पर चलाए तीर
इस कड़ी में अगला नाम दिल्ली में सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी का है, एक दिन पहले अपने ट्वीट पर आप सांसद राघव चड्ढा ने सफाई देते हुए कहा, जब हरियाणा में इंडिया गठबंधन बनाने की जिम्मेदारी पार्टी ने मुझे दी थी, तब आप मुझसे सवाल पूछते थे और उस दौरान मैं कहता था कि हरियाणा में गठबंधन बनाने और एकजुट होकर चुनाव लड़ने की इच्छा, आकांक्षा और उम्मीद है। लेकिन दुर्भाग्य से इच्छा और आकांक्षा पूरी नहीं हुई। इसलिए कल के परिणाम के बाद मैंने अपने विचार जनता के सामने रखने की कोशिश की...मैं किसी व्यक्ति विशेष या किसी राजनीतिक दल पर हमला नहीं करना चाहता लेकिन मोटे तौर पर हरियाणा के इस चुनाव के परिणाम हम सभी के लिए एक सबक है और सभी को बहुत कुछ सिखाते हैं, खासकर कांग्रेस को कि अति आत्मविश्वास की स्थिति अच्छी नहीं होती। अगर हम यह मान लें कि हम चुनाव जीत रहे हैं और हमें किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है और चुनाव शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया है, तो अति आत्मविश्वास की स्थिति अक्सर चुनावों में घातक साबित होती है।
 
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असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर कसा तंज
हरियाणा में कांग्रेस की हार पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ इतने सारे मुद्दे होने के बावजूद कांग्रेस अभी भी उसे हरा नहीं पाई। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी को 10 साल की सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाना चाहिए था, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके आंतरिक मतभेदों के कारण बीजेपी को फायदा मिला। अगर आप चुनावी लड़ाई में बीजेपी को थोड़ा भी मौका देते हैं, तो बीजेपी इसका फायदा उठाती है। आप (कांग्रेस) वहां मुख्य विपक्ष हैं और उनके पास भाजपा को हराने का सुनहरा अवसर था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। वहीं चुनाव में हार के लिए कांग्रेस की तरफ से ईवीएम को दोषी ठहराए जाने पर ओवैसी ने कहा, ये बहुत आसान है। आप ईवीएम की वजह से जीतते हैं और जब आप हारते हैं, तो यह गलत है।

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