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चुनाव की खास बातें: तीन मतदाताओं के लिए केंद्र, तैरते पोलिंग स्टेशन से हरियाणा-जम्मू कश्मीर चुनाव के चेहरों तक

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 16 Aug 2024 07:02 PM IST

सार

Assembly Elections 2024: जम्मू कश्मीर में तीन चरण में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। हरियाणा में एक चरण में चुनाव होगा। दोनों ही राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे। हरियाणा की तरह ही जम्मू कश्मीर में भी अब 90 विधानसभा सीटें हो गई हैं। 
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जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। जम्मू कश्मीर में तीन चरण में तो हरियाणा में एक चरण में मतदान होगा। इस दौरान दोनों राज्यों के करीब तीन करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने तमाम आंकड़े भी साझा किए। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव के सफल आयोजन का भी जिक्र किया। इसके साथ ही घाटी में हुई रिकॉर्ड वोटिंग की भी उन्होंने बात की। दोनों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान कई खास बातें होगीं। इनका जिक्र भी मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया। आइये जानते हैं दोनों राज्यों के चुनाव की बड़ी बातें क्या हैं?

 
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जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। जम्मू कश्मीर में तीन चरण में तो हरियाणा में एक चरण में मतदान होगा। इस दौरान दोनों राज्यों के करीब तीन करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने तमाम आंकड़े भी साझा किए। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव के सफल आयोजन का भी जिक्र किया। इसके साथ ही घाटी में हुई रिकॉर्ड वोटिंग की भी उन्होंने बात की। दोनों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान कई खास बातें होगीं। इनका जिक्र भी मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया। आइये जानते हैं दोनों राज्यों के चुनाव की बड़ी बातें क्या हैं?
 

जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
चुनाव कार्यक्रम क्या है?
हरियाणा:
राज्य एक चरण में चुनाव के लिए अधिसूचना 5 सितंबर को जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 12 सितंबर होगी। वहीं, मतदान 1 अक्तूबर को होगा। नतीजे 4 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे। 

जम्मू कश्मीर: घाटी में तीन चरण में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए अधिसूचना 20 अगस्त को जारी होगी, वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 27 अगस्त होगी। उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 30 अगस्त होगी। 18 सितंबर को पहले चरण में 24 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा। 



इसी तरह दूसरे चरण के लिए 29 अगस्त को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 5 सितंबर है। उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 9 सितंबर होगी। 25 सितंबर को दूसरे चरण की 26 विधानसभा सीटों के मतदाता वोट डालेंगे।
 
तीसरे चरण के लिए 5 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 12 सितंबर है। उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 17 सितंबर है। 1 अक्तूबर को 40 विधानसभा सीटों के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दोनों ही राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे।

जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
दोनों राज्यों में मतदाता कितने हैं?
हरियाणा:
90 विधानसभा सीटों वाले हरियाणा में 2.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें  इनमें 18 से 19 साल के मतदाता 4.70 लाख हैं जो 1 जनवरी 2024 और 1 जुलाई 2024 के बीच 18 साल के होने वाले युवा मतदाता हैं। 85 साल से अधिक वाले वरिष्ठ नागरिक 2.46 लाख हैं। 1.49 लाख दिव्यांग मतदाता, 1.10 लाख सर्विस मतदाता, 10,321 शतायु मतदाता (100 साल से अधिक उम्र वाले मतदाता) और 455 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। 27 अगस्त को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। तब तक मतदाताओं की संख्या में और इजाफा हो सकता है। 

जम्मू-कश्मीर: हरियाणा की तरह ही जम्मू कश्मीर में भी 90 विधानसभा सीटें हैं। यहां कुल 88.66 लाख से अधिक मतदाता हैं। इनमें 44.46 लाख पुरुष और 42.63 लाख महिला मतदाता हैं। 18 से 19 साल के मतदाता 4.27 लाख हैं जो 1 जनवरी 2024 और 1 जुलाई 2024 के बीच 18 साल के होने वाले युवा मतदाता हैं। 85 साल से अधिक वाले वरिष्ठ नागरिक 69,974 हैं। 83,072 दिव्यांग मतदाता, 75,834 सर्विस मतदाता और 167 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 20 अगस्त को होगा। तब तक मतदाताओं की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
किस राज्य में कितने मतदान केंद्र हैं?
हरियाणा:
इस बार चुनाव में कुल 20629 मतदान केंद्रों पर हरियाणा के मतदाता वोट डालने पहुंचेंगे। ये मतादन केंद्र 10495 जगहों पर बनाए जाएंगे। कुछ जगहें ऐसी हैं जहां एक से अधिक मतदान केंद्र होंगे। कुल मतदान केंद्रों में से शहरी इलाके में बनने वाले मतदान केद्रों की संख्या 7132 है। वहीं, 13,497 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में बनेंगे। एक मतदान केंद्र पर औसतन 977 मतदाता वोट डाल सकेंगे। 125 मतदान केंद्र ऐसे होंगे जो सिर्फ महिलाएं संभालेंगी। इसी तरह 92 मतदान केंद्रों के संचालन का जिम्मा दिव्यांगों के हाथ में होगा।  

जम्मू कश्मीर: घाटी में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों के लिए कुल 11,838 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें से 2332 शहरी और 9506 ग्रामीण मतदान केंद्र होंगे। 90 मतादन केंद्र महिलाएं संचालित करेंगी तो इतने ही मतदान केंद्र ऐसे होंगे जो दिव्यांगों द्वारा संचालित होंगे। एक मतदान केंद्र पर औसतन 735 मतदाता वोट डालेंगे। 

जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
चुनाव के दौरान कुछ विशेष भी दिखाई देगा क्या?
जम्मू कश्मीर चुनाव के दौरान कुछ मतदान केंद्र ऐसे भी बनाए जाएंगे जो अपने आप में बेहद खास हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक डल झील के शिकारे पर भी तीन मतदान केंद्र बनेंगे। इनमें से एक मतदान केंद्र ऐसा भी है जहां महज तीन मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। एलओसी के करीब एक मतदान केंद्र ऐसा भी होगा जहां से सभी मतदाता अनुसूचित जनजाति के हैं। यह मतदान केंद्र गुरेज विधानसभा के अंतर्गत आता है, जहां तीसरे चरण में मतदान होना है। इसी तरह कुपवाड़ा जिले में बना एक मतदान केंद्र ऐसा भी है जिसे देश का पहला मतदान केंद्र कहते हैं। 

जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
इस चुनाव के चेहरे कौन होंगे?
हरियाणा:
2019 की तरह इस बार भी मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस में हो सकता है। 2019 के विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीतने वाली जननायक जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल जैसी पार्टियां भी चुनाव में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। भाजपा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी तो कांग्रेस की ओर से भूपेंद्र सिंह हुड्डा पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा होंगे। जजपा के लिए दुष्यंत चौटाला इस बार किंग मेकर से किंग बनने की कोशिश करेंगे तो इनेलो के अभय चौटाल पार्टी का पुराना जनाधार वापस पाने की कोशिश करेंगे। 

 

जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
जम्मू कश्मीर: लोकसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो पांच में दो-दो सीटों पर भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस को जीत मिली थी। जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था। वहीं, वोट शेयर के लिहाज से सबसे ज्यादा 24.36 फीसदी वोट भाजपा को मिले थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस को 22.3 तो कांग्रेस 19.38 फीसदी लोगों ने वोट दिया था। राज्य की चौथी सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी को 8.48 फीसदी वोट मिले थे। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला जैसे पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की बात कर चुके हैं। कांग्रेस की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके गुलाम नबी आजाद अपना दल बना चुके हैं। जबकि भाजपा पहली बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। महबूबा और उमर अपनी बात पर कायम रहते तो राज्य को लंबे समय बाद जाने पहचाने चेहरों से इतर नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। 
 
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