हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री
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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में नए संसद भवन और अन्य निर्माण से संसद के कामकाज और जद में आने वाले भवनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इतना ही नहीं इस प्रोजेक्ट के लिए एक भी ऐतिहासिक इमारत को नहीं गिराया जाएगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरुआत से ही यह अफवाह उड़ाई जा रही हैं कि संसद के आसपास से जाने वाले रास्ते बंद हो जाएंगे और पुरानी इमारतें गिरा दी जाएंगी।
इस प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से दिए गए हलफनामे के हवाले से उन्होंने बताया कि केंद्रीय सचिवालय के निर्माण के दौरान कोई भी ऐतिहासिक इमारत नहीं गिराई जाएगी। इसे लेकर जो धारणाएं बनाई जा रही हैं, गलत है।
प्रोजेक्ट के तहत जो भवन इसकी जद में आएंगे, उससे पहले वहां बैठने वालों को नई व्यवस्था के तहत शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरा शहर रुकने संबंधी बातें मात्र अटकलें हैं, ऐसा नहीं होने जा रहा है। संसद भी चलती रहेगी।
गुजरात से कांग्रेस सांसद अमी याज्ञिक के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 90 एकड़ जमीन पर बने सभी कार्यालय कस्तूरबा गांधी मार्ग और अफ्रीका एवेन्यू में शिफ्ट किए जाएंगे। इसके बाद भी अगर किसी भवन को गिराने की आवश्यकता हुई तो पहले उसे शिफ्ट किया जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कृषि भवन, शास्त्री भवन, निर्माण भवन जैसी इमारतें अगर गिराई भी जाएंगी तो इसलिए क्योंकि आपने स्तरहीन इमारतें तैयार की हैं, हम उन्हें बेहतर बनाएंगे। उन्होंने बताया कि 2022 में जब देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे तब हमारा शीतकालीन सत्र नए भवन में होगा।