मस्जिदों में लाउडस्पीकर से तेज आवाज में अजान देने के खिलाफ महाराष्ट्र से शुरू हुआ विरोध अब कर्नाटक पहुंच गया है। श्री राम सेना ने राज्य सरकार से 9 मई तक मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर अजान रोकने की मांग की थी। लेकिन, सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर विरोध के तौर पर पूरे राज्य में सुबह पांच बजे 1,000 से ज्यादा मंदिरों में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा व अन्य भजन बजाए। इस दौरान बेंगलुरु, हुबली, बेलागवी, मैसूर, चिक्कमगलुरु, यादगीर, मांड्या और कोलार में विरोध का नेतृत्व करने वाले श्री राम सेना के कई कार्यकर्ताअें को हिरासत में लिया गया।
राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। इस मामले पर अन्य राज्यों में पहले ही काफी बवाल हो चुका है, यहां 99 फीसदी लोग शांति चाहते हैं, लिहाजा ध्वनि प्रदूषण के इस मामले को सद्भाव के साथ निपटाने की जरूरत है।
उन्होंने सोमवार को राज्य के गृह, कानून व पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और पुलिस को निर्देश दिया कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सख्ती से लागू किया जाए।
दूसरी तरफ कर्नाटक कांग्रेस और मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। कांग्रेस नेता यूटी खादर ने कहा, कुछ सांप्रदायिक ताकतें समाज की शांति और सद्भाव को खत्म करने के लिए खास मुद्दों को उठा रही हैं।
भारतीय भाषाओं की विविधता में संस्कृत का सबसे बड़ा योगदान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की सभी भाषाएं श्रेष्ठ हैं। भारतीय भाषाओं की विविधता में जो एकता है, उसमें संस्कृत का सबसे बड़ा योगदान है। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं है। यह एक आवेग और भावना है इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर तीन से 23 आयु वर्ग की 50 करोड़ की आबादी को भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत के ज्ञान व कौशल से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए संस्कृत विद्यालय समूहों से अपील करता हूं कि वे अभिनव उपाय तलाशें।
शिक्षा मंत्री सोमवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘उत्कर्ष महोत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 150 साल में हमारी संस्कृत विधा को योजनाबद्ध तरीके से केवल औपचारिकता तक सीमित रखा गया। ऐसा माहौल बनाया गया कि संस्कृत केवल पूजा-पाठ की भाषा हो। उन्होंने कहा कि ह्वेन त्सांग के समय से लेकर आज के रायसिना डायलॉग तक संस्कृत की सहजता, आधुनिकता और वैज्ञानिकता को प्रमाण की जरूरत नहीं है। संस्कृत श्रेष्ठ है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन इस श्रेष्ठता के भाव को त्याग कर इसे कैसे लोकभाषा बनाया जाए, यह महत्वपूर्ण चुनौती है।
सीबीआई अदालत ने एनएसई की पूर्व एमडी-सीईओ चित्रा की जमानत पर निर्णय टाला
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में घोटाले की आरोपी और पूर्व सीईओ व एमडी चित्रा रामकृष्णा व पूर्व जीओओ अरविंद सुब्रमण्यम की जमानत पर सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना निर्णय 12 मई तक टाल दिया। इन दोनों पर को-लोकेशन घोटाले में सीबीआई जांच कर रही है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 28 अप्रैल को आदेश रिजर्व रखा था।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने चित्रा रामकृष्णा और अरविंद को गिरफ्तार कर लिया था। उसने आशंका भी जताई कि अगर जमानत मिली तो वे साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ व बदलाव कर सकते हैं, उन्हें मिटा भी सकते हैं। चूंकि चित्रा बड़े पद पर रही हैं, वे जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। जमानत देने से जांच पर बुरा असर पड़ेगा। गवाहों से भी जिरह अभी चल रही है, ताकि घपले व षड़यंत्र का पूरा खुलासा हो और चित्रा की भूमिका सामने आए।
अमेरिका में घुसे छह युवकों के परिवारों की तलाश में जुटी गुजरात पुलिस
अमेरिका के सीमा विभाग ने बृहस्पतिवार को एक्वेसाने में कनाडा की सीमा के पास सेट रेजिस नदी से एक डूबती बोट से छह भारतीयों को बचाया था। ये कनाडा से अवैध रूप से अमेरिका में घुस रहे थे। सभी युवक 19 से 21 वर्ष के बीच की उम्र के हैं और गुजरात के मेहसाणा जिले के निवासी हैं।
मेहसाणा के एसपी अचल त्यागी ने बताया कि अमेरिका में पकड़े गए युवकों के परिवारों की तलाश की जा रही है। अमेरिकी सीमा विभाग के अधिकारियों ने छह भारतीय युवकों को एक अमेरिकी नागरिक के साथ गिरफ्तार किया था। भारतीय युवकों पर अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने का आरोप लगाया गया है, जबकि अमेरिकी नागरिक के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया है।
गुजरात से अवैध रूप अमेरिका जाने का यह दूसरा मामला है, जो सुर्खियों में है। इससे पहले जनवरी में एक परिवार अलास्का के बर्फीले इलाके से कनाडा से अमेरिका में घुसने के प्रयास में बर्फ में जम गया था। इस हादसे में गुजराज के डिंगुचा गांव के जगदीश पटेल, उनकी पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गई थी।
कस्टम, एक्साइज और सेवा कर आयोग के अध्यक्ष की छह हफ्ते में करें नियुक्ति
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर निपटान आयोग की प्रधान खंडपीठ के अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति प्रक्रिया छह हफ्ते में पूरी करने का निर्देश दिया। इसके अलावा आयोग की मुंबई में अतिरिक्त बेंच के लिए भी उपाध्यक्ष व एक सदस्य की नियुक्ति भी इस दौरान पूरी हो।
कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने सोमवार को केंद्र सरकार को चेन्नई और कोलकाता में निपटान आयोग की पीठों के लिए उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति के पहलू की जांच का भी निर्देश दिया। पीठ ने आगे कहा, हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार इस बार समय पर नियुक्ति पूरी करेगी।
इस्राइली कब्जे वाले वेस्ट बैंक में दो फलस्तीनी मारे
इस्राइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं के दौरान एक किशोर समेत दो फलस्तीनियों की मौत हो गई। इससे पहले, गत सप्ताह इस्राइल के तीन नागरिकों को मार डालने के आरोप में दो फलस्तीनियों को इस्राइल पुलिस ने गिरफ्तार किया।
वेस्ट बैंक में सैन्य सुरक्षा चौकी के पास इस्राइल के अवरोधक पार करने के दौरान इस्राइली सैनिकों ने एक फलस्तीनी को गोली मार दी। अन्य घटना में एक इस्राइली ने येरूशलम के दक्षिणी क्षेत्र में चाकू लेकर घुसे एक फलस्तीनी को गोली मार दी।
फिलीपीन ः अपदस्थ तानाशाह मार्कोस के बेटे का राष्ट्रपति बनना तय, हासिल किया बहुमत
फिलिपीन की सत्ता पर 1965 से 1986 के दौरान काबिज रहे तानाशाह फर्डिनेंड मार्कोस के बेटे फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर का राष्ट्रपति बनना तय हो गया है।
मार्कोस ने प्रतिद्वंद्वियों पर अजेय बढ़त बना ली है। उनके पिता के बाद से पहली बार किसी उम्मीदवार ने राष्ट्रपति चुनाव में इतना विशाल बहुमत हासिल किया है। उनके पिता को भ्रष्टाचार, अत्याचार और फिजूलखर्ची से त्रस्त जनता ने गद्दी से हटा दिया था। उसके बाद मार्कोस परिवार अमेरिका भाग गया था। तानाशाह मार्कोस की वहीं मौत हो गई थी। मार्कोस जूनियर भी गवर्नर और सीनेटर रह चुके हैं। उन्हें 2.63 करोड़ वोट मिले हैं, जबकि मुख्य विपक्षी उम्मीदवार लेनी रोब्रेडो को 1.2 करोड़ वोट मिले हैं। मौजूदा राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते की बेटी
सारा को उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए सहयोगी उम्मीदवार बनाया था। सारा भी बहुमत से चुनाव जीत चुकी हैं।
मतदान केंद्र के पास गोलीबारी में 3 मरे
मतदान के दौरान मागुइंदानाओ शहर में एक केंद्र के पास गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। इसके अलावा बुलुआन शहर में मतदान प्रक्रिया में मदद कर रहे शांति सैनिकों पर गोलियां चला दीं। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।