महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के विवाद में गिरफ्तार अमरावती की सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को अभी तक राहत नहीं मिली। राणा दंपत्ति की जमानत याचिका पर सोमवार को भी सुनवाई हुई लेकिन फैसला नहीं आया। अब बुधवार को जमानत याचिका पर फैसले की उम्मीद है।
राणा दंपत्ति और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि सोमवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर हो सकती है। लेकिन कोर्ट में शुरु अन्य मामलों की सुनवाई और फिर समय की कमीं के कारण सोमवार को फैसला नही हो सका। अब अगली सुनवाई 4 मई को होगी। लेकिन बुधवार को उन्हें जमानत मिलेगी या जमानत के लिए अभी इंतजार करना होगा। यह कोर्ट के फैसले पर निर्भर है। इसलिए तब तक राणा दंपत्ति का ठिकाना जेल ही रहेगा। राणा दंपत्ति पर आईपीसी की धारा 15 ए, और 353 के साथ बांबे पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज है। इसके अलावा राणा दंपत्ति पर 124 ए यानि राजद्रोह की भी धारा लगाई गई है।
वहीं इन सबके बीच एक बड़ी खबर आई है कि नवनीत राणा जेल में बीमार हो गई हैं और उन्हें मेडिकल सहायता मुहैया नहीं कराई जा रही है। राणा के वकील ने जेल अधीक्षक को चिट्ठी लिखकर जल्द से जल्द मेडिकल सहायता मुहैया करने के लिए कहा है। वकील ने कहा है कि राणा को सही तरीके से उपचार नहीं मिल रहा है। वकील ने सिटी स्कैन किए बिना इलाज नहीं करने के लिए कहा है।
रविवार को भी हुई थी सुनवाई
बता दें कि इससे पहले नवनीत राणा और रवि राणा की जमानत अर्जी पर रविवार को सुनवाई हुई थी। कोर्ट द्वारा दोनों पक्षों की दलीलों को सुना गया और उसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था और अब आज फैसला सुनाया जाएगा। पहले कहा जा रहा था कि कोर्ट आज ही जमानत पर फैसला देगा, लेकिन अब सोमवार को राणा दंपति की किस्मत तय होगी।
राजद्रोह की भी लगी है धारा
राणा दंपति को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर उठे विवाद के बाद शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। राणा दंपति पर आईपीसी की धारा 15A और 353 के साथ-साथ बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत FIR दर्ज है। सबसे बड़ी धारा 124A यानी राजद्रोह की धारा भी लगाई गई है। विधायक रवि और सांसद नवनीत राणा का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता आबाद पोंडा ने अदालत के समक्ष कहा कि सीजेआई एनवी रमना ने सरकार को यह तय करने के लिए समय दिया है कि क्या धारा 124 ए यानी देशद्रोह को दुरुपयोग के लिए समाप्त किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 5 मई से सुनवाई करेगा।
हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी थी याचिका
अमरावती की सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए एक याचिका दायर की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने नवनीत राणा को सार्वजनिक जगह पर हनुमान चालीसा को लेकर फटकार लगाते हुए याचिका खारिज कर दी थी।
बीएमसी ने अवैध निर्माण को लेकर जारी किया नोटिस
नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। दरअसल, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने राणा दंपती के मुंबई के खार इलाके में स्थित घर में अवैध निर्माण को लेकर एक नोटिस जारी किया है। अमरावती सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा के इस घर में अवैध निर्माण की शिकायत बीएमसी को मिली थी।