फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान से लौटे हामिद ने कहा- 6 साल में मिले ये 3 सबक, सुनाई दर्दनाक दास्तान

Thu, 20 Dec 2018 01:09 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
हामिल निहाल अंसारी - फोटो : ANI
विज्ञापन

6 साल पाकिस्तान की जेल में बिताने के बाद हामिद निहाल अंसारी भारत लौट चुके हैं। आज वह महाराष्ट्र स्थित अपने घर पहुंचे जहां परिवार और दोस्तों ने उनका स्वागत किया। मुंबई हवाई अड्डे पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'मैं अपने परिवार के साथ जश्न मनाना चाहता हूं। इसके बाद मैं नौकरी ढूंढना शुरू करुंगा और इसके बाद शादी करके सेटल हो जाउंगा।'

विज्ञापन


अंसारी ने बताया कि उसे पिछले 6 सालों में तीन सबक मिले हैं- फेसबुक पर किसी पर विश्वास मत करो, अपने माता-पिता से झूठ मत बोलो और अपनी सरकार पर भरोसा रखो। जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान की जेल में उन्हें किस तरह की यातना का सामना करना पड़ा तो उन्होंने कहा कि वह पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहते और जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं। 

33 साल के अंसारी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पाकिस्तान में 2012 में कथित तौर पर अफगानिस्तान के जरिए अवैध रूप से उसके यहां प्रवेश करने पर गिरफ्तार किया गया था। वह वहां एक लड़की से मिलने के लिए पहुंचे थे जिससे उनकी दोस्ती ऑनलाइन हुई थी। पाकिस्तान के अधिकारियों ने उनपर जासूसी करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन


वर्सोवा के रहने वाले नागरिक अंसारी ने पत्रकारों को बताया कि वह उस लड़की से मिलना चाहते थे क्योंकि वह तकलीफ में थी। उन्होंने कहा, 'उसने मुझसे मदद मांगी और मैंने वीजा लेने की कोशिशें शुरू कर दी। पाकिस्तान के कुछ लोग थे जो खुद को दोस्त की तरह दिखाते थे और उन्होंने कहा कि वह मेरी मदद करेंगे। मैंने अपने दिल से सोचा दिमाग से नहीं। उन्होंने मुझे अफगानिस्तान के जरिए आने के लिए कहा। उन्होंने झूठे आईडी और दस्तावेज मेरी जेब में रख दिए।'

हामिद ने बताया कि इससे पहले कि वह लड़की के घर पहुंच पाते पुलिस उसका इंतजार कर रही थी और उन्होंने उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा, 'जिस पल मुझे गिरफ्तार किया गया मुझे लगा कि मैं बर्बाद हो गया हूं। उस पल मुझे लगा कि अब मैं कभी घर वापस नहीं जा पाउंगा लेकिन कुछ समय के बाद मुझे उम्मीद मिली कि मैं घर जाउंगा। शुरुआत के तीन साल मैंने अंडरग्राउंड बिताए। कभी वह मुझे खाना देते थे तो कभी नहीं देते थे। मैं घर जाकर माता-पिता की सेवा करना चाहता था। मैंने उन्हें बहुत तकलीफ दी है और यह मेरा पश्चाताप होगा। यही है जो मैं कर सकता हूं।'

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, '6 साल बाद मैंने अपने परिवार को देखा। उस समय मैं पाकिस्तान में ही था। वह रो रहे थे और अपनी बांहे फैला रहे थे, वहीं पाकिस्तानी अधिकारी मेरे साथ पेपरवर्क पूरा कर रहे थे। मैं उन्हें जल्दी काम करने को बोल रहा था। मैं अपने परिवार की तरफ दौड़कर गया और अपने घुटनों पर गिरकर कहा, 'अम्मी मुझे माफ कर दें।' मैं हर किसी से माफी मांग रहा था।' 15 दिसंबर, 2015 को सैन्य अदालत द्वारा सजा मिलने के बाद से वह पेशावर की केंद्रीय कारागार में बंद थे। 

बुधवार को अंसारी परिवार के साथ दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिले। उनकी मां फौजिया ने कहा, 'मेरा भारत महान, मेरी मैडम महान, सब मैडम ने ही किया है।' वहीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने स्वराज को बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने उसे शारीरिक तौर पर काफी प्रताड़ित किया और उसकी बाईं आंख खराब हो गई है।
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें