फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Market: कोशर को कड़ी टक्कर दे रहा हलाल मार्का प्रोडक्ट! जानें US-यूरोप और इस्लामिक देशों किसकी मांग ज्यादा

कुआलालंपुर से लौटकर सुरेन्द्र मिश्र, डिजिटल ब्यूरो, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 24 Sep 2024 03:57 PM IST

सार

मिहास 2024 के बिजनेस शो में दक्षिण एशिया की 24 कंपनियों ने हिस्सा लिया जबकि भारत की दो कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसमें सबसे अधिक हिस्सेदारी बंग्लादेश की कंपनियों की रही। वहीं, पाकिस्तान ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Market - फोटो : Amar Ujala


बता दें कि अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में कोशर ब्रांड है जो शुद्धता के लिहाज से मुस्लिम ग्राहकों में भी पसंद किया जाता रहा है, लेकिन अब मुस्लिम समुदाय हलाल उत्पाद को ज्यादा पसंद कर रहा है। ग्लोबल बिजलिंक्स के सीईओ तमीर एम सैट कहते हैं कि विश्व बाजार में कोशर से अधिक हलाल मार्का उत्पाद की मांग है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि हलाल प्रोडक्ट शुद्धता और सुरक्षा की गारंटी है। विश्व में हलाल उत्पाद की स्वीकार्यता बढ़ रही है। 


वहीं, मलेशिया सरकार के ब्रांड एंड मीडिया कमेटी प्रमुख जय शंकर ने कहा कि हलाल उत्पाद किसी धर्म से जुड़ा उत्पाद नहीं है। इसलिए गैरमुस्लिम देशों के बाजारो में भी इसकी मांग है। लेकिन, पांच दिवसीय मिहास 2024 में ज्यादातर इस्लामिक देशों की ही उपस्थिति रही। इन देशों के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग से जुड़ी कई कंपनियां शामिल हुई। मिहास 2024 दुनिया के बाजार में हलाल उत्पाद को विस्तार देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। 


कुआलालंपुर में 16 से 20 सितंबर तक चले हलाल व्यापार मेले में चीन, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड सहित 66 देशों के शामिल होने से इसका अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप दिखा। वहीं, भारतीय कंपनियों की हलाल ट्रेड मेले में उतनी दिलचस्पी नहीं दिखाई दी। मिहास बिजनेस एक्सपर्ट मीट में भारत की रिलायंस रिेटेल कंपनी की प्रबंधक अमेया ग्रोवर भी पहुंची। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) द्वारा प्रमाणिक उत्पाद की बात की।


बिजनेस शो में केवल दो भारतीय कंपनियों ने दर्ज कराई उपस्थिति

मिहास 2024 के बिजनेस शो में दक्षिण एशिया की 24 कंपनियों ने हिस्सा लिया जबकि भारत की दो कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसमें सबसे अधिक हिस्सेदारी बंग्लादेश की कंपनियों की रही। वहीं, पाकिस्तान ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, भारतीय कंपनियों में पामोलीन ऑयल एक्सपोर्ट से जुड़ी ग्लोबल बिजलिंक्स और नटराज पेंसिल की निर्माता पोन्नी कार्पोरेशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। बिजलिंक्स कंपनी का मुख्य दफ्तर कोच्चि में है जो गल्फ और अफ्रीकी देशो में पाम ऑयल का निर्यात करती हैं। वहीं, पोन्नी कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक बी. बालासुब्रमण्यन ने बताया कि दक्षिण भारत में हलाल का बड़ा बाजार है। पोन्नी कार्पोरेशन ने हर्बल उत्पाद के लिए कई मलेशियन कंपनी के साथ करार किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next