पिछले हफ्ते पाकिस्तान के उर्दू अखबारों में धमाकों और चरमपंथी हमलों से जुड़ी खबरें ही सुर्खियां में रहीं। पाकिस्तान के सिंध, लाहौर, पेशावर, फाटा और क्वेटा में आतंकी हमले हुए थे। सबसे बड़ा हमला सिंध प्रांत में मशहूर सूफी संत लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह पर हुआ, जिसमें औरतों और बच्चों समेत 80 से ज्यादा लोग मारे गए और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
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वहीं रोजनामा सहाफत ने सुर्खी लगाई है, ''मुंबई के गुनहगाह हाफिज सईद पर शिकंजा।'' अखबार के अनुसार पाकिस्तान में चरमपंथी गतिविधियों के खिलाफ मुहिम में लश्कर-ए-तैय्यबा प्रमुख हाफिज और उनके साथियों समेत कई लोगों के नाम चौथी शिड्यूल में शामिल।
अखबार लिखता है कि पाकिस्तान में पंजाब प्रांत की सरकार ने हाफिज सईद को आतंकवाद निरोधी कानून के दायरे में लाकर चरमपंथी गतिविधियों में उनके शामिल होने की खामोश मंजूरी दे दी है।
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दरगाह की सुरक्षा में केवल दो सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
रोजनामा दुनिया ने लिखा है कि हमले के बारे में पहले से खुफिया जानकारी थी लेकिन उसके बावजूद दरगाह की सुरक्षा में केवल दो सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। अखबार आगे लिखता है कि जख्मियों को गधा गाड़ी और ठेलों पर ले जाया जा रहा था और जिस जगह दरगाह है वहां से प्रांत के तीन मुख्यमंत्री हुए हैं लेकिन इलाके में एक भी ढंग का अस्पताल नहीं है।
हमले के बाद हरकत में आई पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने 100 से ज्यादा चरमपंथियों को मारने का दावा किया है। रोजनामा जंग लिखता है, ''अफगानिस्तान दहशतगर्द कैंपों पर पाकिस्तानी कार्रवाई''। अखबार लिखता है कि पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान में सक्रिय चरमपंथी संगठन जमात-उल-अहरार के प्रशिक्षण शिविर और चार कैंपों को तबाह कर दिया है।
अब किसी से कोई रियायत नहीं, खून के हर कतरे का फौरन बदला लेंगे।
रोजनामा दुनिया ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख के बयान के हवाले से लिखा है, ''अब किसी से कोई रियायत नहीं, खून के हर कतरे का फौरन बदला लेंगे।'' रोजनामा एक्सप्रेस ने लिखा है, ''पाक फौज का करारा जवाब, अफगान सीमा पर जमात-उल-अहरार के पांच ठिकाने तबाह।''
वहीं रोजनामा नवा-ए-वक्त ने लिखा है, ''अफगान राजनयिक सेना मुख्यालय तलब, अफगानिस्तान में रह रहे 76 चरमपंथियों को पाकिस्तान के हवाले करने की मांग।'' अखबार लिखता है कि सिंध में शाहबाज कलंदर की दरगाह पर हुए चरमपंथी हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव समेत दुनिया भर के नेताओं ने पाकिस्तान से हमदर्दी जताई है और शोक संदेश भेजे हैं।
अखबार के अनुसार चीन और रूस ने चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की मदद करने की पेशकश की है।
पिछले कुछ दिनों से सारा देश दहशतगर्दी की नई लहर की चपेट में आ चुका है।
क्या कहते हैं उर्दू अखबारों के संपादकीय ?
रोजनामा जंग ने अपने संपादकीय में लिखा है कि सैन्य ऑपरेशन जर्ब-ए-अज्ब के भरपूर वार से ऐसा लग रहा था कि चरमपंथियों की कमर टूट चुकी है और वो अब किसी जवाबी कार्रवाई की क्षमता खो चुके हैं लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से सारा देश दहशतगर्दी की नई लहर की चपेट में आ चुका है।
अखबार के अनुसार पिछले पांच-छह दिनों में पाकिस्तान के चारों प्रांत में कुल नौ चरमपंथी हमले हुए हैं जिनमें 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। रोजनामा एक्सप्रेस ने संपादकीय लिखा है, ''दहशतगर्दों को बख्शना खुदकुशी है।'' अखबार लिखता है कि चरमपंथियों से अब उनकी ही जुबान में बात होनी चाहिए और अब उन्हें सबक सिखाने का वक्त आ गया है।
नवा-ए-वक्त ने संपादकीय लिखा है कि चरमपंथी तो अपने सरपरस्तों के एजेंडे के अनुसार पाकिस्तान को कमजोर करने के घिनौने खेल में मसरूफ हैं इसलिए अब उनकी कमर तोड़ने के साथ-साथ उनकी गर्दनें काटने की भी जरूरत है।
प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के राय बरेली में पहली बार एक चुनावी रैली को संबोधित किया।
चुनाव की चर्चा
भारत से छपने वाले उर्दू अखबारों की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश में हो रहे विधान सभा चुनाव से जुड़ी खबरें ही हर जगह छाई रहीं। कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के राय बरेली में पहली बार एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस रैली में उनके भाई और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी उनके साथ थे।
सारे अखबारों ने इसे सुर्खी बनाई है। रोजनामा जदीद खबर ने लिखा है, ''मोदी हुकूमत में नौजवान बेरोजगार, राहुल और प्रियंका का मोदी पर हमला'' हिंदुस्तान एक्सप्रेस ने बजाज ऑटो लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज के नोटबंदी पर दिए बयान और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को पहले पन्ने पर छापा है।
अखबार के अनुसार राहुल गांधी ने कहा है कि नोटबंदी पर राजीव बजाज का बयान हर कारोबारी के दिल की आवाज है।
राहुल गांधी ने कहा है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन भारत का भविष्य तय करेगा।
रोजनामा सहारा ने यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच हुए गठबंधन पर राहुल गांधी के एक बयान को पहले पन्ने पर सुर्खी बनाया है। अखबार के अनुसार राहुल गांधी ने कहा है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन भारत का भविष्य तय करेगा। वहीं यूपी के मुख्यमंत्री और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन से विरोधियों के हौसले पस्त हो गए हैं।
चुनाव के अलावा भी कुछ खबरों ने सुर्खियां बटोरी हैं। रोजनामा जदीद खबर ने सुर्खी लगाई है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वंदे मातरम राष्ट्रीय तराना नहीं बल्कि राष्ट्रीय गीत है और इसलिए इसकी तुलना जन गण मन से नहीं की जा सकती है। अखबार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी दफ्तरों, अदालतों, संसद और विधानसभाओं में वंदे मातरम गाए जाने को लाजिमी करार दिए जाने संबंधी एक याचिका को खारिज कर दिया है।