गिर पूर्व के उप वन संरक्षक (डीसीएफ) राजदीपसिंह जाला ने बताया कि इन छह लोगों में से तीन स्थानीय और एक होटल व्यवसायी हैं जिन्होंने बिना अनुमति के सरसिया रेंज वन के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद पर्यटकों के लिए शेरों को देखने की व्यवस्था की थी।
जाला ने बताया कि यह घटना करीब तीन सप्ताह पहले सामने आई, जिसके बाद तीन स्थानीय लोगों को कुछ पर्यटकों को अवैध रूप से आरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश करने में मदद करने के आरोप में पकड़ा गया। अधिकारी ने बताया कि भारतीय वन अधिनियम और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत अतिक्रमण के अपराध के लिए प्रत्येक पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
उन्होंने बताया कि जांच के बाद तीन और लोगों को पकड़ा गया और इस अपराध के लिए उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारी ने कहा, 'ये पर्यटक शेरों को देखने के लिए स्थानीय लोगों की मदद से वन क्षेत्र में घुसे थे। हमने लगभग तीन सप्ताह पहले तीन लोगों पर जुर्माना लगाया था, और आगे की जांच में तीन और व्यक्तियों का पता चला जो अवैध रूप से जंगल में प्रवेश करने वाले समूह का हिस्सा थे।'
उन्होंने कहा, 'जब हमने तीन सप्ताह पहले पकड़े गए स्थानीय लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना के एक पर्यटक और वाणिज्यिक एंगल का खुलासा किया। इसके बाद हमने तीन दिन पहले दो पर्यटकों और एक होटल व्यवसायी को पकड़ा और हमने उन पर जुर्माना लगाया।' उन्होंने कहा कि इस अपराध में और लोगों के शामिल होने की संभावना है।
2020 की जनगणना के अनुसार, गुजरात में 674 शेर थे, जो 2015 की जनगणना की तुलना में इसकी आबादी में 29 फीसदी की वृद्धि है। 2020 की जनगणना के अनुसार, राज्य में कुल 206 शेर, 309 शेरनियां, 130 शावक और 29 अज्ञात बड़ी बिल्लियां हैं।