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सूरत मर्डर केस: खुद ही पुलिस को दी हत्या की जानकारी, पूछताछ में आरोपी ने बताया- कैसे तीन को उतारा मौत के घाट?

Thu, 01 Oct 2026 01:32 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, अहमदाबाद, गुजरात

सार

सूरत में संपत्ति हड़पने के लिए शख्स ने पत्नी संग मिलकर अपनी दादी-सास, मां और भाभी की तकिए से दम घोंटकर हत्या कर दी। ड्रम में सीमेंट भरकर लाश घर में गाड़ने वाला आरोपी ने बताए अलग-अलग बहाने।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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गुजरात के सूरत जिले में माधवदास साधु के दादी-सास के हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। हत्या की जानकारी देने वाले व्यक्ति ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि संपत्ति हड़पने के लिए वह खुद भी उस हत्या में शामिल था। इसके अलावा उसने 2022 में दो और हत्या करने की भी बात कबूल कर ली। आरोपी माधवदास साधु ने शुरू में पुलिस को बताया था कि कोसंबा की रहने वाली उसकी दादी-सास शांताबेन वसावा की पत्नी उर्मिला के चचेरे भाई अफजल ने चार-पांच साल पहले हत्या करके उनके शव को घर के अंदर कंक्रीट के नीचे दबा दिया था।
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अफजल पर क्यों फंसाया?
माधवदास साधु द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अफजल को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उसने शांताबेन की हत्या के बारे में जानकारी होने से इनकार किया। हालांकि, जब पुलिस ने अफजल की मौजूदगी में जब माधवदास से पूछताछ की, तो पोल खुल गई। माधवदास ने पुलिस को बताया कि उसने अफजल के खिलाफ झूठी जानकारी दी थी क्योंकि उसे डर था कि उसकी पत्नी (जो करीब नौ महीने पहले अपने बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई थी और कीमती सामान भी ले गई थी) और अफजल उसे फंसा सकते हैं। अपने बयान में उसने पत्नी उर्मिला के साथ मिलकर दादी-सास की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
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कब हुई हत्या?
माधवदास ने पुलिस को बताया कि 7 अक्तूबर, 2022 की रात पत्नी उर्मिला के साथ मिलकर सोते समय दादी-सास शांताबेन वसावा की तकिए से हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को एक ड्रम में डालकर तीन बोरी सीमेंट डाला और ड्रम बंद करके घर के अंदर ही रख दिया। करीब साढ़े तीन महीने बाद, उसने ड्रम काटकर खोला और शव को सीमेंट के साथ घर के बरामदे में खोदे गए एक गड्ढे में दबा दिया। आरोपी माधवदास ने शांताबेन की मौत के बारे में रिश्तेदारों को अलग-अलग बातें बताईं। अपनी पत्नी के रिश्तेदारों से उसने कहा कि उनकी मौत वल्थारा में कोविड-19 से हुई थी, जबकि अपने रिश्तेदारों से कहा कि उनकी मौत कोसांबा में हुई थी।

आरोपी ने पुलिस को क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि यह हत्या शांताबेन की संपत्ति पर कब्जा करने के इरादे से की गई थी। इसके अलावा माधवदास और उर्मिला पर 2022 में उसकी 65 वर्षीय मां की भी हत्या का आरोप है। बयान में कहा गया कि माधवदास साधु की मां मंजुलाबेन साधु को 2021 के आसपास लकवा मार गया था और वह बिस्तर पर पड़ी रहती थीं। इससे उनके शरीर में घाव हो गए थे। आरोप है कि इस जोड़े ने तकिए से उनका गला घोंट दिया और रिश्तेदारों व ग्रामीणों को बताया कि उनकी मौत लकवे के कारण हुई है। इसके बाद ढोलका के चकली तालाब श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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तीसरी हत्या किसने की?
तीसरी पीड़िता माधवदास की भाभी भारती (उर्फ भगवती) थीं, जिनकी शादी कमलेश वसावा से हुई थी और वह कोसांबा में शांताबेन के साथ रह रही थीं। आरोप है कि कमलेश ने अपने पैतृक गांव में आत्महत्या कर ली थी इसके बाद से भारती अपनी दादी शांताबेन के साथ ही रहती रहीं। बाद में उन्हें गंभीर टीबी हो गया। 25 फरवरी, 2022 की रात को इस जोड़े ने तकिए से भारती का गला घोंट दिया और बाद में दावा किया कि उनकी मौत टीबी के कारण हुई है। कोसांबा में उन्हें दफनाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उर्मिला को हिरासत में लिया गया है या नहीं। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है और आगे की जांच जारी है।
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